शिक्षक बनने के लिए काफी समय से टीईटी तैयारी कर 25 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी रविवार सुबह परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे थे। केंद्रों के भीतर प्रवेश मिल गया था। पेपर सामने था। कुछ प्रश्न हल भी कर लिए थे। ऐसे में अचानक सूचना मिली कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का पेपर लीक होने के कारण परीक्षा रद कर दी गई है। इसकी की सूचना मिलते ही सभी केंद्रों पर अफरातफरी का माहौल हो गया। पेपर रद होने के बाद एक साथ हजारों छात्रों की भीड़ घरों के लिए निकली तो बाजारों में जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। स्थिति को सामान्य रखने के लिए पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा।
28 नवंबर को जिले में होने वाले शिक्षक पात्रता परीक्षा की सभी तैयारी पूरी थी। जनपद में 42 केंद्रों पर टीईटी परीक्षा होनी थी। प्राइमरी संवर्ग में 25584 और जूनियर संवर्ग में 16075 अभ्यर्थियों को भाग लेना था। इसके लिए जिले को चार जोन और 21 सेक्टर में बांटा गया था। 20 परीक्षार्थियों पर एक कक्ष निरीक्षक की तैनाती की गई थी। यूपी टीईटी रद्द होने से जिले के करीब 40780 अभ्यर्थियों को निराशा हुई। परीक्षा निरस्त होने के बाद एकाएक भीड़ निलने से शहर में रविवार को भी जाम से करीब तीन घंटे तक लोग जूझते रहे। पुलिस को भी परेशान होना पड़ा। अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश पत्र दिखाने पर यूपीएसआरटीसी की ओर से फ्री यात्रा की भी घोषणा की गई थी,, लेकिन ये आदेश पहुंचने तक अभ्यर्थी अपने घरों को जा चुके थे।
मायूस दिखे अभ्यर्थियों के चेहरे
बलिया। टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) के लिए समय से करीब तीन घंटे पहले अभ्यर्थी केंद्रों पर पहुंच गए थे। अध्यापक बनने की खुशी चेहरे पर थी। महीनों की तैयारी और मजबूत इरादों के साथ परीक्षा में सम्मलित हुए थे। एक घंटे बाद ही अभ्यर्थियों तक पेपर आउट होने और परीक्षा रद होने की सूचना पहुंची तो सभी के चेहरे पर मायूसी छा गई। डीएम अदिति सिंह द्वारा परीक्षा के रद होने की सूचना सेक्टर मजिस्ट्रेट, सभी केंद्रों के व्यवस्थापक, स्टेटिक मजिस्ट्रेस्ट और पर्यवेक्षकों को दी गई थी।
40 मिनट पहले की छुट्टी
टीईटी दस बजे शुरू हो गई थी, लेकिन पेपर रद होने की अधिकृत सूचना केंद्रों तक नहीं पहुंची तो पूरी प्रक्रिया के साथ परीक्षा को कराया जा रहा था। जब सूचना पहुंच गई थी 40 मिनट पहले परीक्षा छुट़्टी कर अभ्यर्थियों को कक्षों से बाहर निकाला गया। जिले में सभी केंद्रों पर अभ्यर्थियों से परीक्षा कराने के बाद उत्तर पुस्तिका को तो ली ही, उसके साथ-साथ प्रश्न पत्रों को भी ले लिया था। किसी भी अभ्यर्थी को प्रश्न पत्र नहीं दिए गए।
अतिरिक्त पुलिस बल रहा तैनात
परीक्षा रद होने की सूचना पर अभ्यर्थी कोई हंगामा या तोड़फोड़ न करें इससे पहले ही सभी केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। कुछ केंद्रों पर पीएसी भी तैनात रही है। जिला स्तरीय अधिकारी भी निरीक्षण करते रहे। केंद्र व्यवस्थापकों को दिशा निर्देश दिए।
बोले अभ्यर्थी
पेपर लीक होना पूरी व्यवस्था पर सवाल है। इससे सभी को मायूस होना पड़ा है। मैं सुबह सात बजे ही घर से निकल गया था। इस बार का पेपर भी आसान था।
- मधू दूबे, कदम चौराहा।
परीक्षा निरस्त होना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल है। इससे अभ्यर्थियों को मानसिक रूप से परेशान होना पड़ रहा है। अब दोबारा मेहनत करनी पड़ेगी।
- सुधा भारती, नाराछ।
परीक्षा का पेपर देखकर खुश था। भरोसा था कि सभी प्रश्नों का उत्तर दे दूंगा। अब दोबारा परीक्षा की तैयारी नए सिरे से करनी पड़ेगी।
- जैनेंद्र कुमार पाल, आवास विकास।
पर्चा लीक होने के उपरांत परीक्षा का रद होना दुर्भाग्यपूर्ण है। भरोसा था कि इस बार शिक्षक पात्रता परीक्षा पास कर लेंगे, लेकिन उम्मीदों पर पानी फिर गया।
संजीत कुमार राम, तपनी।
सरकारी तंत्र की लापरवाही से इस बार पर्चा आउट हुआ है। अगर सरकारी तंत्र तत्पर रहता तो लाखों अभ्यार्थियों का नुकसान नहीं होता।
सतीश कुमार, बड़ा गांव।