बिहार में चलती ट्रेन में जीआरपी जवान अभिषेक की हत्या के बाद उनका शव शनिवार को चौरा गांव में घर पहुंचा तो मातम पसर गया। जवान का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ भरौली गंगा तट पर किया गया। मुखाग्नि पिता गजेंद्र प्रताप सिंह ने दी। सीओ सदर बाबू लाल यादव के नेतृत्व में गार्ड आफ आनर दिया गया।
शुक्रवार रात मुगलसराय से पैसेंजर ट्रेन बक्सर के लिए चली थी। आधा दर्जन बदमाश दिलदारनगर के पास ट्रेन पर सवार हुए। ट्रेन जैसे ही कर्मनाशा नदी पार कर बिहार में घुसी। इसी बीच बदमाश घटना को अंजाम देने में जुट गए। ट्रेन जैसे ही चौसा स्टेशन से आगे बढ़ी, बदमाशों ने जीआरपी कांस्टेबिलों पर फायर झोंक दिया। अभिषेक और उसके साथी नंदलाल यादव से इंसास रायफल लूट ली। इसके बाद बदमाश पवनी कमरपुर हाल्ट पर उतर गए। इसकी सूचना घायल सिपाही ने अधिकारियों को दी। रात में ही 11.15 मिनट पर मुगलसराय जीआरपी को जैसे ही सूचना मिली, वहां से अधिकारी रवाना हो गए।
नरहीं थाने से अभिषेक के परिवारीजन को घटना की सूचना मिली तो परिवार के लोग रोते-बिलखते रात में ही बक्सर के लिए निकल पड़े। शनिवार सुबह छह बजे बक्सर अस्पताल में जवान का अंत्य परीक्षण किया गया। इसके बाद शव उसके गांव नरहीं थाना क्षेत्र के चौरा पहुंचा। अंतिम संस्कार के दौरान भाजपा विधायक उपेंद्र तिवारी, सपा नेता शैलेश चौधरी, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि वंशीधर यादव, बसपा नेता अभिराम सिंह, पुलिस उपाधीक्षक शेष नाथ यादव, इंस्पेक्टर त्रिपुरारी पांडेय आदि रहे।