जयप्रकाश नगर। बैरिया को आरा से जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित फोरलेन परियोजना ने अब गति पकड़ ली है। करीब 27 किलोमीटर लंबे फोरलेन के लिए बलिया और भोजपुर के 24 गांवों में जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।
परियोजना को मंजूरी मिलने और टेंडर जारी होने के बाद बलिया और भोजपुर जिले के लोगों में उत्साह है। यह फोरलेन बलिया में एनएच-31 को बिहार के पटना-बक्सर फोरलेन एनएच-922 से जोड़ेगा। इसके साथ ही महुली गंगा घाट पर फोरलेन पुल का निर्माण होगा। परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली से लेकर पश्चिम बंगाल के मालदा तक की यात्रा अधिक सुगम और कम दूरी में पूरी हो सकेगी। परियोजना के तहत बलिया जिले के मुरली छपरा ब्लॉक में करीब आठ किलोमीटर तथा बिहार के भोजपुर जिले में लगभग 19 किलोमीटर सड़क का निर्माण होगा। सड़क बलिया के इब्राहिमाबाद उपरवार, कोडरहा उपरवार और रामपुर कोडरहा सहित बिहार के आरा सदर अंचल के 14 तथा बड़हरा अंचल के सात मौजों से होकर गुजरेगी। गंगा नदी पर बनने वाला फोरलेन पुल इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होगा, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच सीधा एवं तेज संपर्क स्थापित होगा।
इन गांवों में होगा अधिग्रहण
बलिया के मुरली छपरा ब्लॉक के इब्राहिमाबाद उपरवार, कोडरहा उपरवार और रामपुर कोडरहा के अलावा बिहार के बड़हरा अंचल के नूरपुर नौबरार, नूरपुर, कुदरिया, जोकहरी, पकड़ी और गलचौर तथा आरा सदर अंचल के सार सिवान, बसंतपुर, बेला, महुली, मथुरापुर, बहिरा चक, भेल डुमरा, पिरौटा, मखदुमपुर, जादोपुर, गरैया, शोभी डुमरा, हाविव अलीपुर और सिंगही मौजा के किसानों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी।
बैरिया क्षेत्र के लोगों के लिए लाइफलाइन
बैरिया विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए यह फोरलेन लाइफलाइन साबित होगा। एनएच-922 से जुड़ने के कारण कोलकाता और दिल्ली की यात्रा भी पहले की तुलना में आसान और कम समय में पूरी हो सकेगी। परियोजना की स्वीकृति और टेंडर जारी होने की जानकारी मिलते ही बैरिया, बड़हरा, सिंगही, महुली, केशोपुर, नथमलपुर समेत आसपास के गांवों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि फोरलेन सड़क और गंगा पुल बनने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
वर्जन
बैरिया-आरा मार्ग के लिए मुख्यालय से टेंडर समेत अनेक प्रक्रिया चल रही है। भूमि अधिग्रहण का कार्य जल्द किया जाएगा। दोनों प्रांतों अधिकारियों को इस संदर्भ में पत्र जारी हो गया है। इसके तैयार होने से यातायात पूरी तरह से सुगम हो जाएगा।
-इं. अजय सिंह, पीडी, एनएचआई।