टाउन डिग्री कालेज के खेल मैदान में आयोजित स्वयंसेवक समागम में योग की मुद्रा में आरएसएस कार्यकर्?
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बलिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उद्देश्य व्यक्तित्व निर्माण कर राष्ट्र को परम वैभव पर ले जाना है। संघ की शाखा मनुष्य निर्माण की कार्यशाला है। शाखाओं के माध्यम से संघ राष्ट्रभक्त नागरिकों का निर्माण करता है। ये बातें अखिल भारतीय सह-गोसेवा प्रमुख अजित महापात्रा ने रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से टीडी कॉलेज मैदान में आयोजित स्वयं सेवक समागम में कहीं।
महापात्रा ने कहा कि नियमित शाखा में हिस्सा लेने से स्वयंसेवक साधारण से असाधारण बन जाते हैं। उनके अंदर स्वत: ही असाधारण क्षमता विकसित हो जाती है। संघ समाज के सभी वर्गों को समाहित करता है। संघ की पद्धति व कार्यशैली अलग है, इसलिए यदि संघ को समझना हो तो शाखा आना पड़ेगा। जिस प्रकार हम अपने घर के जूठे बर्तनों को साफ कर उसे शुद्ध करतें है, ठीक उसी प्रकार हमें अपना शारीरिक व मानसिक शुद्धीकरण किया जाना चाहिए और इसका एक माध्यम संघ की शाखा भी है। संघ में व्यक्ति का शारीरिक एवं बौद्धिक विकास होता है। संघ की प्रेरणा से चलने वाले अनेक संगठनों में समाज के लिए लोगों को सक्रिय करने का कार्य सतत चल रहा है। इसका सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहा है। बताया कि गाय हमारी सृष्टि का आधार है। प्रकृति के पंचतत्व का उपचार गौ-मूत्र से सम्भव है। विदेशी कुचक्र के कारण ही हम अपनी संस्कृति को भूलकर गौ-संवर्द्धन एवं खेती में गाय के गोबर व गौ-मूत्र के उपयोग से दूर होते जा रहे हैं। यदि इसे नहीं रोका गया तो भारतीय संरचना बिगड़ जाएगी। स्वयं सेवक समागम में 700 से अधिक स्वयंसेवक शामिल हुए।