अखंड युवा शक्ति गड़वार के तत्वावधान में महावीरी झंडा जुलूस के तीन दिवसीय कार्यक्रम में 26 अगस्त महावीरी झंडा जुलूस निकालना था। लेकिन प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के कारण समिति द्वारा महावीर मूर्ति को रामलीला मंच से हनुमानगढ़ी पहुंचा दिया गया। वहीं हनुमान भक्तों के काफी अनुनय-विनय के बाद प्रशासन ने मूर्ति ले जाने की अनुमति दी। अनुमति मिलने पर जुलूस निकालकर बुधवार को मूर्ति का विसर्जन किया गया।
गड़वार कसबा स्थित रामलीला मैदान से महावीरी झंड़ा जुलूस निकालने की नई परंपरा शुरू करने का प्रयास अखंड युवा शक्ति समिति गड़वार द्वारा किया गया था। इस क्रम में 24 से 26 अगस्त त्रिदिवसीय कार्यक्रम आयोजित था। लेकिन जिला प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देकर महावीरी झंडा जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी।
इसे लेकर 24 अगस्त को जिला मुख्यालय पर कमेटी और जिला प्रशासन के बीच बैठक हुई। जिसमें कमेटी के काफी प्रयास के बाद भी जिला प्रशासन ने महावीरी झंडा जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी। साथ ही रामलीला मैदान में रखे प्रतिमा को हनुमानगढ़ी पहुंचने का निर्देश दिया। मायूस कमेटी के सदस्यों ने प्रशासन के निर्देश का पालन करते हुए मूर्ति को हनुमानगढ़ी पहुंचा दिया।
इतना ही नहीं शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका के मद्देनजर पुलिस ने कुछ लोगों पर मुकदमा भी कर दिया। बुधवार को कमेटी के काफी अनुनय-विनय के बाद प्रशासन की अनुमति से जुलूस निकाल कर हजारों हनुमान भक्तों ने कसबे का भ्रमण करने के बाद हनुमान प्रतिमा को गांधी चबूतरा स्थित पोखरे पर विसर्जित कर दिया। विसर्जन जुलूस के दौरान हनुमान भक्तों के जयकारे से पूरा कसबा गूंज उठा।
शांति और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर गड़वार कसबे में सीओ सहित कई थानों के एसओ और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रही। विसर्जन जुलूस में कमेटी के सत्येंद्र जायसवाल, देवेंद्र गुप्ता, संजीत गुप्ता, संजय गुप्ता, मनीष जायसवाल, पिंकू गुप्ता, बीडीसी मुन्ना चौरसिया, कल्लू सिंह, राकेश वर्मा, दीपक सिंह, अनिल सिंह, राकेश सिंह, संतोष गुप्ता, गणेश गुप्ता, विजय गुप्ता सहित हजारों भक्त मौजूद रहे।