बलिया/ भीमपुर। मांस विक्रेता पर जान से मारने के लिए फायरिंग करने वाला शातिर अपराधी 24 घंटे बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। दुकानदार का परिवार घटना के बाद दहशत में हैं। पुलिस तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
अवराई खुर्द निवासी मांस विक्रेता सुनील पासवान पर फायर करने का आरोपी बृजेश बसफोर शातिर किस्म का अपराधी है। मऊ जिला के घोसी थाना क्षेत्र के मानिकपुर असना गांव का रहने वाला है। इसके ऊपर आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। दो माह पूर्व जेल से छूट कर जमानत पर बाहर आया है। सात माह पूर्व मधुबन थाना क्षेत्र में पुलिस व एसओजी की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ में इसका हाफ एनकाउंटर भी हुआ है। चार माह पूर्व घोसी कोतवाली में असलहे के साथ पुलिस ने पकड़कर जेल भेजा था। जमानत पर रिहा होने के बाद अपना इलाका छोड़ कर बलिया के सीमावर्ती भीमपुरा थाना में दो माह पूर्व महरी गांव में मामा मन्नू बसखोर के यहां रह रहा था। इसका संपर्क रामपुर असाढीया निवासी सुनील कुमार से हो गया। जिसके बाद उसी के मुर्गी फाॅर्म पर रहने लगा। घटना के दिन सुनील के साथ गया था और घटना को अंजाम दिया था। पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद इसका मनोबल बढ़ा हुआ है। यही कारण रहा कि मांस खरीदने पर दुकानदार के पैसा मांगने पर गाली देते हुए फायरिंग कर दी थी। बाजार में दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग भी की। पुलिस को मौके पर दो खोखे मिले हैं। प्रभारी थाना उपनिरीक्षक वरुण कुमार राकेश ने बताया कि आरोपी शातिर किस्म का है। उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। जल्द ही गिरफ्त में होगा।
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अपराधियों का बढ़ा मनोबल
जिले में आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए तत्कालीन एसपी देव रंजन वर्मा ने सभी थाने पर दो जवानों को क्रिमिनल मॉनिटर बनाया था। उनकी अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी की जिम्मेदारी थी। क्रिमिनल मॉनिटर विभाग काम करने के अलावा क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों की 24 घंटे निगरानी करते थे। घर छोड़कर कहीं जाने की पूरी जानकारी उन्के पास अपटेड रहती थी। एसपी के तबादले के बाद क्रिमिनल मॉनिटर का काम खत्म हो गया। अब पुलिस को जानकारी ही नहीं कि उनके थाना क्षेत्र में कितने अपराधी रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इतना बड़ा शातिर अपराधी खुलेआम घूम रहा है। पुलिस को पता नहीं।