फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: गला दबाकर हुई थी टेंट कारोबारी की हत्या, मर्डर की ऐसी वजह कि उठने लगे सवाल; दोस्त के साथ तीन गिरफ्तार

Thu, 27 Nov 2025 05:36 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।

सार

Ballia News: अजीत सिंह का टेंट का बड़ा कारोबार था। एक दिन में तीन से चार शादी तिलक का सट्टा करते थे। परिजनों की मानें तो मझौंवा निवासी अवनीश की बहन की शादी 22 नवंबर को थी। इस सट्टे को लेकर अजीत काफी तनाव में थे। 
विज्ञापन
तीनों आरोपियों के साथ पुलिस। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

UP Crime News: टेंट कारोबारी की हत्या करके शव को छुपाने के मामले में पुलिस पीयूष सिंह, अनीष सिंह व अंकुर सिंह को गिरफ्तार कर चालान कर दिया। क्षेत्राधिकारी बैरिया फहीम कुरैशी ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि हल्दी थाना में टेंट कारोबारी अजीत सिंह निवासी परसिया की गुमशुदगी की 23 नवंबर को शिकायत मिली थी। प्राथमिकी दर्ज कर चार टीमें खोजबीन में जुटी थी। तीसरे दिन मंगलवार को गंगापुर गंगा घाट पर नदी में बाइक में बंधा हुआ शव मिला था, शिनाख्त अजीत सिंह के रूप में हुई थी।

विज्ञापन


छोटे भाई चन्दन सिंह ने तहरीर दी कि 22 को मझौवा गांव स्थित अनीश सिंह के बहन की शादी में टेंट लगाने गए थे। रात एक बजे कुर्सी और सोफा के कवर के रंग को लेकर विवाद को लेकर पीयूष सिंह, अनीष सिंह, अंकुर सिंह के बीच गाली गलौज हुआ था। तहरीर पर पुलिस प्राथमिकता दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई। 

पुलिस ने की कार्रवाई

गुरुवार को थान प्रभारी राजेन्द्र प्रसाद सिंह वांछित अभियुक्तगणों की गिरफ्तारी हेतु क्षेत्र में गश्त कर रहे थे, उसी दौरान हल्दी-सोनवानी मार्ग के बसुधरपाह जाने वाले रास्ते से तीन व्यक्तियों को पकड़ा। पूछताछ में अपना नाम पीयूष सिंह, अनीष सिंह व अंकुर सिंह निवासी मझौवा बताया। घटना को लेकर कहा कि कवर को बताने के बाद दूसरा कलर लगा दिया गया था। 

इसकी शिकायत करने पर अजीत उल्टे पैसों की मांग करने लगा। इसको लेकर हुए विवाद में तीनों ने अजीत की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को छुपाने के लिए गंगापुर घाट पर नदी में अजीत का हाथ पैर बाइक में बांधकर फेंक दिया।
विज्ञापन

घटना के खुलासे को लेकर लोगों के मन में संशय
कुर्सी व सोफा के कवर के विवाद को लेकर अजीत सिंह की हत्या हुई है, इसको लेकर क्षेत्रीय लोगों में संशय बना हुआ है। स्थानीय लोगों की माने तो अजीत व पीयूष के बीच पक्की दोस्ती थी। पीयूष ही अनीश सिंह की बहन की शादी की पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाले हुआ था। आखिर एक कवर के लिए जिगरी दोस्त की हत्या क्यों करनी पड़ी? यह किसी के समझ में नहीं आ रहा है। पुलिस भी इस मामले से पर्दा नहीं उठा रही है।

ग्रामीणों की माने तो लावा मिलाई के समय दोनों भाई मौजूद नहीं थे। स्थानीय लोगों घटना के पीछे कोई गंभीर मामला या किसी चौथे को बचाने का प्रयास कर रहे है। अजीत की पत्नी वाराणसी स्थित घर पर बच्चों को रह कर पढ़ाती है। गांव भी अक्सर आती जाती है। अजीत हमेशा पीयूष के गांव मझौवा आना-जाना और पार्टी मनाने का कार्यक्रम होता था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें