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ऑडिटर की जांच के बाद ही होगी टेंडर की प्रक्रिया

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बलिया। स्वास्थ्य विभाग में 10 लाख से अधिक के टेंडरों की प्रक्रिया एवं वैधता की कांकरेंट ऑडिटर से परीक्षण कराकर ही क्रय आदेश जारी किया जाएगा। यह आदेश 23 मई को मिशन निदेशक, एनएचएम विजय विश्वास पंत ने जिलाधिकारी/अध्यक्ष जिला ऑडिट कमेटी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेजा है।
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उल्लेख किया है कि विगत वर्षो में कांकरेंट ऑडिटर रिपोर्ट में टेंडर प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कमियों को दर्शाया गया था। जिसे गंभीरता से लेते हुए प्रमुख सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, अध्यक्ष राज्य ऑडिट कमेटी द्वारा निर्देशित किया गया है कि 10 लाख से अधिक के टेंडरों की प्रक्रिया एवं वैधता का कांकरेंट ऑडिटर से परीक्षण कराकर ही क्रय आदेश जारी किया जाय। कांकरेंट ऑडिट में यह अवश्य देख लिया जाए कि जीएफआर प्रक्रिया, सीवीसी प्रक्रिया गाइडलाइन, क्रय मैनुअल का पालन हो रहा है या नहीं। उल्लेख किया है कि वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए समस्त जिला स्वास्थ्य समिति के लिए कांकरेंट आडिटर का चयन प्रक्रियाधीन है। इस परिस्थिति में वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए नवीन कांकरेंट ऑडिटर की नियुक्ति होने तक वित्तीय वर्ष 2019-20के कांकरेंट ऑडिटर से टेंडर का परीक्षण कराकर कार्यादेश जारी किए जाने की कार्रवाई की जा सकती है। प्रति टेंडर अधिकतम एक लाख की फीस का भुगतान किया जा सकता है। फीस का भुगतान वित्तीय वर्ष 2020-21 की आरओपी में एफएमआर कोड संख्या कांकरेंट ऑडिट सिस्टम के अंतर्गत आवंटित बजट से किया जाएगा तथा आवंटित बजट कम पड़ने पर राज्य स्तर से अतिरिक्त बजट की मांग की जाएगी। इस बाबत एसीएमओ डा. केडी प्रसाद ने बताया कि मिशन निदेशक का आदेश प्राप्त हो गया है, आदेशानुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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