वादी और प्रतिवादियों का कहना है कि कभी कर्मचारियों की वजह से कामकाज ठप हो जाता है, तो कभी तहसीलदार न्यायालय में नहीं बैठ पाते हैं, तो कभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत हो जाते हैं। चारों तरफ से हम वादकारियों का नुकसान होता है। समय और पैसों का हमें काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। कहा कि हमें समय से न्याय नहीं मिल पा रहा है।
इस बाबत तहसीलदार बैरिया मनोज कुमार राय ने बताया कि पेशकार का स्थानांतरण एडीएम न्यायालय के लिए हो चुका है। जिसका चार्ज आदान-प्रदान किया जा रहा है। दूसरे कर्मचारियों को चार्ज मिलते ही नियमित रूप से न्यायालय का कार्य शुरू हो जाएगा।