भले ही बलिया की बेटी निर्भया के गुनहगारों को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई, उनको किए की सजा दी और घटना अतीत के पन्नों में दफन हो गई लेकिन जनपदवासी अपनी बेटी के साथ हुए अत्याचार को आज भी नहीं भुला पाए हैं। यही कारण है कि बुधवार को निर्भया कांड की बरसी पर गांव की बेटियों ने मशाल जलाकर महिला हिसा के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया।
16 दिसंबर 2012 की रात को दिल्ली में बलिया की बेटी निर्भया के साथ दरिंदों ने ऐसा कुकृत्य किया था जिसने देश की आधी आबादी की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया था। इसके बाद पूरा देश सड़क पर आ गया था।
खासकर बलिया के लोग तो इस दिन अपनी लाडली निर्भया के साथ हुई एक दर्दनाक घटना के बाद अतिआक्रोशित हो उठे थे। हत्यारों को फांसी दिए जाने के बाद ही गांव के लोगों को सुकून मिला।