बलिया। श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रांगण में शिक्षक व कर्मचारी संयुक्त बैठक हुई। बैठक में शिक्षक व कर्मचारियों ने एक स्वर से आरोप लगाया कि कॉलेज कैंपस में हुई छेड़खानी के बाद आरोपियों को बचाने के लिए कुछ पूर्व छात्र नेता ओछी राजनीति कर रहे हैं, जिससे कालेज में भय व दहशत का माहौल है। ऐसे में छेड़खानी के आरोपियों तथा उनके समर्थन में आए पूर्व छात्र नेताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो हम लोग अग्रिम कार्रवाई के लिए बाध्य होंगे। कालेज एक शिक्षण मंदिर है, इसमें ओछी राजनीति कत्तई नहीं होने देंगे। शिक्षकों के एक प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी को चार सूत्री मांगपत्र सौंपा और प्रभावी पहल की मांग की।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. निशा राघव ने बताया कि टीडी कालेज में शैक्षणिक माहौल को खराब करने के लिए शिक्षकों पर दबाव बनाया जा रहा है। दरअसल जहां तक घटनाक्रम का सवाल है तो इसके पीछे मुख्य वजह 22 अक्टूबर की घटना है। इसी दिन कालेज कैंपस में दो छात्राओं के साथ छेड़खानी हुई। एक समुदाय विशेष के अराजक तत्वों द्वारा छात्राओं के साथ छेड़खानी की उस घटना के बाद कैंपस में पुलिस को बुलाने से एक राजनीतिक दल के छात्र संगठन के लोग खफा थे। वे चाहते थे कि कालेज में अराजक तत्वों पर कोई कार्रवाई न हो। जबकि एक दूसरा छात्र संगठन कालेज परिसर में शांति व्यवस्था के लिए पुलिस को बुलाने के पक्ष में था। इसी कारण परिसर में माहौल को खराब करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। जिसको रोकने पर समुदाय विशेष के अराजक तत्वों के समर्थक छात्र गुट के लोग शिक्षकों को मां-बहन की गाली दे रहे थे और यही सिलसिला आज भी बदस्तूर है। इस दौरान शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिला और चार सूत्री मांग पत्र सौंपा। कालेज प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद तथाकथित पूर्व छात्र नेता जो वर्तमान में कालेज का छात्र नहीं है। महाविद्यालय परिसर में असामाजिक तत्वों के साथ लगातार प्रवेश कर रहा है और प्राचार्य शिक्षक कर्मचारियों के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग कर रहा है तथा धमकी दे रहे हैं। इससे पूरा कालेज भय एवं दहशत के वातावरण का सामना कर रहा है। ऐसे में इन छात्रों के खिलाफ अविलंब एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाय। जिन दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है वे भी कानून का मजाक उड़ाते हुए महाविद्यालय परिसर में दादागिरी दिखा रहे हैं। मांग किया कि दोषी छात्रों के विरूद्ध निष्कासन की प्रक्रिया यथाशीघ्र संपन्न किया जाय। सोशल मीडिया पर शिक्षकों के विरूद्ध आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाय। इस मौके पर राजेश कुमार सिंह, राजेश कुमार, डॉ. अखिलशे राय, डॉ. सूबेदार प्रसाद सहित दर्जनों शिक्षक व कर्मचारी उपस्थित रहे।