डॉक्यूमेंट्री फिल्म काली के पोस्टर को लेकर जिले में भी आक्रोश बढ़ने लगा है। बृहस्पतिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय के अधिवक्ताओं ने शहर कोतवाली में तहरीर देकर इस फिल्म के निर्माता, सहायक निदेशक समेत फिल्म से जुड़े कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
जिला एवं सत्र न्यायालय के अधिवक्ता वरुण पांडेय ने कोतवाली में दी गई तहरीर में उल्लेख किया है कि पोस्टर से हिंदू धर्म की आस्था का मजाक उड़ाया गया है। इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म के निर्माता लीना मणिमेकलाई, सहायक निदेशक आशा पोन्नाचन, सहायक लेखक श्रवण, कैमरा फटिन चौधरी, ऋषभ कालरा, आर्ट पिराकाश कनकनायकम, ऑडियोग्राफी तापस नायक, इमेज ग्रेडिंग राजाराजन, मेकअप आशा पोन्नाचन, नेडरा रोडरिगो, दारशी व कई अज्ञात लोगों ने हिंदू धर्म और मां काली में आस्था रखने वाले लोगों की भावनाओं का अपमान किया है। उनके विरुद्ध उचित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करें।