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पिकअप की जद में आने से तीन सफाईकर्मी घायल, एक की मौत

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दुबे छपरा ढाले पर सड़क हादसे में मौत के बाद एनएच 31 पर मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे सफाईकर्मी? - फोटो : BALLIA
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दयाछपरा/रामगढ़। गंगा यात्रा को लेकर चल रहे सफाई कार्यक्रम के तहत दुबे छपरा में कार्य कर रहे तीन सफाई कर्मचारियों को तेज रफ्तार पिकप ने रौंद दिया। इससे एक सफाईकर्मी की मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। उधर, हादसे के बाद सफाई कर्मचारियों ने दुबे छपरा ढाले के पास एनएच 31 पर जाम लगा दिया। वहां एसडीएम बैरिया ने किसी तरह जाम छुड़वाया तो सफाई कर्मचारियों ने जिला अस्पताल में प्रदर्शन करते हुए इमरजेंसी ठप करा दी। कुछ अन्य डीएम कार्यालय और आवास पर जाकर प्रदर्शन करने लगे। कुल मिलाकर सफाईकर्मियों के आंदोलित हो जाने से शनिवार को देर शाम तक अधिकारियों की सांस अटकी रही। उधर, कार्यक्रम स्थल पर भी सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के कारण काम ठप रहा। खबर लिखे जाने तक अधिकारियों की ओर से उन्हें मनाने का प्रयास जारी था।
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मिली जानकारी के अनुुसार नमामि गंगा योजना के तहत 27 जनवरी को आयोजित गंगा यात्रा की तैयारी को लेकर राष्ट्रीय राज्य मार्ग 31 के प्रसाद छपरा ढाले पर सफाई का कार्य चल रहा था। यहां सफाई में लगे तीन सफाईकर्मियों को बैरिया की ओर से तेज गति से आ रही स्कूली पिकप ने टक्कर मार दी। हादसे में नगरा ब्लाक के उकछी ग्राम निवासी ब्रजेश कुमार यादव 28, इंदावली मझौली के चांड़ी निवासी रामजी यादव 22 व गउवापार निवासी जितेंद्र रावत 25 गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने तीनों को तत्काल जिला अस्पताल भेजा। जितेंद्र रावत की रास्ते में ही मौत हो गई। उधर, चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने पिकप को कब्जे में ले लिया है।
हादसे की जानकारी होते हुए कार्यक्रम स्थल से लेकर एनएच की सफाई में लगे सभी कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंच गए और दुबे छपरा ढाले के पास जाम लगा दिया। वे पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी और मरे सफाईकर्मी के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। इसके साथ ही घायलों के समुचित इलाज की मांग भी की जा रही थी। जाम की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी बैरिया अशोक कुमार चौधरी ने सफाई कर्मचारियों की बात सुनने के बाद अपने स्तर से मिलने लायक सभी सुविधाएं देने की बात कह किसी तरह जाम छुड़वाया।
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जिला अस्पताल में घायल कर्मचारियों का इलाज चल ही रहा था कि अचानक विभिन्न एरिया से आए सफाई कर्मचारियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन करते हुए वे इमरजेंसी में घुस गए और काम ठप करा दिया। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे कोतवाल विपिन कुमार सिंह ने किसी तरह कर्मचारियों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद लगभग आधा घंटे से ठप इमरजेंसी में डॉक्टर व कर्मचारी अपना काम शुरू कर सके। खबर लिखे जाने तक सफाई कर्मचारी जिला अस्पताल की इमरजेंसी के मेन गेट के सामने धरना पर बैठे हुए थे। कुछ कर्मचारियों ने जिलाधिकारी आवास व कार्यालय पर भी प्रदर्शन किया, लेकिन वहां किसी के मौजूद नहीं होने की सूचना के बाद लौट गए। जिला अस्पताल में ही धीरे-धीरे सभी एरिया के सफाई कर्मचारी लगातार जुट रहे थे, जिसे देखते हुए वहां भारी संख्या में फोर्स की तैनाती की गई है।
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