बांसडीह रोड। राजा सुरथ सुरहा विकास सेवा समिति चन्द्रपुरा द्वारा हर साल की तरह इस वर्ष भी सोमवार को स्वर कोकिला लता मंगेश्कर का 91 वां जन्मदिन मनाया गया। इस दौरान निराश्रित 101 बच्चो में कापी, किताब, पेंसिल, रबड़ सहित अन्य सामग्री वितरण किया गया। मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त फौजी सूबेदार मेजर मुख्तार सिंह ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कहा कि स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर के दुनिया में करोड़ों प्रशंसक हैं। संगीत की मल्लिका कहलाने वाली लता मंगेशकर को कई उपाधियों से नवाजा जा चुका है। मध्य प्रदेश के इंदौर में जन्मी लता मंगेशकर को गायिकी अपने पिता दीनानाथ मंगेशकर से विरासत में मिली थी। आठ दशक से भी अधिक समय से हिन्दुस्तान की आवाज बनीं लता ने 36 भाषाओं में करीब 50 हजार से ज्यादा गीत गाए हैं। कहा कि लता दीदी के विषम परिस्थितियों से सीख लेना चाहिए। कभी भी हार नहीं मानना चाहिए। संघर्ष शील व्यक्ति ही लक्ष्य की प्राप्ति कर सकता है। इस मौके पर श्याम प्रकाश शर्मा, राजेश्वर सिंह, मनु सिंह, आशीष सिंह, अनिता शर्मा, कुमारी नव्या, कुमारी काजल, खुशी, संस्कार आदि रहे।