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कटहल नाले के पानी को गंगा में गिरने से रोकने के लिए सर्वे शुरू

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नमामी गंगे की योजना के तहत ड्रोन कैमरे से निरीक्षण करते नपा चेयरमैन व अन्य अधिकारी गण। - फोटो : BALLIA
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बलिया। नमामि गंगे के तहत जिले में गंगा को निर्मल बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत नगर पालिका परिषद, जल निगम की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार को 22 किमी क्षेत्र में कटहल नाले का सर्वे किया गया। कटहल नाले का पानी गंगा में गिरने से रोकने के लिए सर्वे किया जा रहा है।
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जलनिगम के अधिशासी अभियंता, नगर पालिका के जलकल के अवर अभियंता शमीम और चेयरमैन अजय कुमार समाजसेवी, सभासद पवन कुमार, सुबाष वर्मा ने कटहल नाले का सर्वे किया। जलकल के अभियंता ने कहा नमामि गंगे योजना के तहत योजना पर काम होगा। गंगा में कटहल नाला का गंदा पानी न जाय इस क्रम में नाला को गंगा से अलग करते हुए उसे महावीर घाट से दुबहर तक निकाला जायेगा। नाले के पानी को फिल्टर करते हुए उसे सिंचाई कार्य के लिए बनाया जायेगा। नाले की गहराई और लेबल के साथ ही उसकी चौड़ाई का स्टीमेट बनाया जाएगा, उसे शासन में भेजा जायेगा। एक सवाल के जवाब में अभियंता ने कहा कि दो तरह की स्टीमेट बनेगा। पहला करीब छह करोड़ और दूसरा पक्का निर्माण के लिए करीब 60 करोड़ की योजना बनेगी। जैसी जरुरूरत होगी वैसा कार्य कार्य होगा। शहर क्षेत्र में आठ किमी और ग्रमीण क्षेत्र में 14 किमी लंबा नाला का विकास होना है। कटहल नाला सर्वे के दौरान शहर और ग्रमीण क्षेत्र की जनता ने टीम का स्वागत किया। कहा कि यदि ऐसा हो जाय तो गंगा को प्रदूषण से बचाया जा सकता है और कटहल नाला का पानी भी सिंचाई कार्य में आ सकता है।
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