प्रसिद्ध ददरी मेले में रविवार की छुट्टी का असर दिखा। इसकी वजह से मेले में जबर्दस्त भीड़ रही। भीड़ के चलते एनएच-31 कदम चौराहा से लेकर काशीपुर तक दिनभर जाम की स्थिति बनी रही।
लोगों ने छुट्टी के दिन सपरिवार मेले का लुत्फ उठाया। भीड़ देख दूकानदार भी गदगद दिखे और उन्होंने जमकर दूकानदारी की। सर्कस और झूले वालों को अन्य दिनों की अपेक्षा अच्छी आमदनी हुई। कुल मिलाकर ददरी मेला संडे के रंग में रंग गया।
अब मेले में दूरदराज से लोगों के आने का सिलसिला प्रारंभ हो गया है। मेले में आलमारी, छोटे-बड़े बक्से की दूकानें भी लगी है। गांव से आने वाले लोग इन सामानों की खरीदारी पर ज्यादा दिलचस्पी ले रहे हैं।
महिलाओं ने सौंदर्य प्रसाधन के सामानों की खूब खरीदारी की। उधर बच्चों ने झूला, नौटंकी, मौत का कुआं समेत अन्य मनोरंजन का आनंद लिया। जहां दिन भर मेला घूमने के बाद ग्रामीण शाम ढलते ही घरों को रवाना हुए तो वहीं शाम को शहर के लोगों ने मेले का रुख किया और जमकर मेले का लुत्फ उठाया।
उधर, मेले में पहली बार आयोजित खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी भी रविवार को पूरे शबाब पर दिखी। एक तरफ खादी के एक-एक डिजाइन, रेश्खमी, पाली, सूती, भदोही की प्रसिद्ध कालीन, प्रतापगढ़ के प्रसिद्ध आंवले का लड्डू, बर्फी की खूब खरीदारी हुई।
वहीं सुुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने अपनी तैयारी पूरी रखी थी। मेले में कई स्थानों पर पुलिस की तैनाती रही आैर वह पूरी तरह मुस्तैद रहे। जबकि पुलिस अधिकारी लगातर मेेला क्षेत्र में गश्त कर व्यवस्था पर अपनी निगाह रखे रहे। वहीं संदिग्धों को रोक कर उनकी तलाशी भी ली गई।