बलिया। पुलिस क्लब में मंगलवार की सुबह अचानक एक उप निरीक्षक को हार्ट अटैक आ गया। साथ में रहने वाले उप निरीक्षक विनोद सिंह ने सीपीआर देकर जान बचाई। उसके बाद जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। एसपी ने सीपीआर देने वाले एसआई को बुलाकर शाबाशी दी। अन्य लोगों को आपात स्थिति में इसका प्रयोग कर जीवन बचाने के लिए जागरूक किया।
एसआई विनोद सिंह ने बताया कि पिछले सप्ताह शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने पुलिस लाइन में परेड के निरीक्षण के दौरान जवानों व अधिकारियों को सीपीआर के बारे में जानकारी दी थी। इसका रिहर्सल भी कराया था।
पुलिस क्लब में सुबह इंस्पेक्टर व उपनिरीक्षक दैनिक क्रिया में व्यस्त थे। उसी दौरान मेला ड्यूटी के लिए आए उपनिरीक्षक राघवराम सिंह ने एसआई राजबली सिंह से पानी पीने के लिए गुड़ मांगा। उसी दौरान अचानक राघवराम अचेत होकर गिर पड़े। बगल में बैठे उपनिरीक्षक अशोक सिंह राघवराम सिंह के पास पहुंचे और सीपीआर (सीना दबाने) देने लगे। लगातार पांच मिनट तक सीपीआर देने पर राघवराम की सांस चलने लगी। सूचना पर आरआई सहित अन्य अधिकारी पहुंच गए। फिर राघवराम को जिला अस्पताल पहुंचाया। राघवराम इससे पूर्व फेफना में तैनात रहे हैं। पिछले दिनों आजमगढ़ ट्रांसफर हो गया था। वह ददरी मेले में ड्यूटी पर आए हैं।
जीवन रक्षक है सीपीआर
सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्राथमिक चिकित्सा तकनीक है। इसका इस्तेमाल हार्ट अटैक आने, सांसें नहीं चलने पर किया जाता है। सीपीआर कार्डियक अरेस्ट से बचने में मदद कर सकता है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन व चेस्ट रोग डा. मनोज कुमार ने बताया कि हार्ट अटैक या अचेत होकर गिरे व्यक्ति, जिसकी सांसें नहीं चल रही हैं, उसके सीने पर दोनों हाथों से जोर से दबाया जाता है, ऐसा तब तक किया जाता है जब तक कि उसकी सांसें न चलने लगे।