बिजली के लिए सड़क पर उतरने वाले छात्र तथा ग्रामीणों पर मुकदमा दर्ज करने के विरोध में शनिवार को पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र एकजुट होकर आंदोलन के लिए सड़क पर उतरे।
इस दौरान सतीश चंद्र कालेज चौराहा, कुंवर सिंह चौराहा, टीडी कालेज चौराहा, दूबे छपरा डिग्री कालेज के पास तथा दुबहर डिग्री कालेज के सामने छात्रों ने जिला प्रशासन का पुतला फूंका। इसके बाद छात्रों ने बैठक कर आंदोलन की रणनीति तैयार की ।
बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व अध्यक्ष मिथिलेश यादव मोती ने कहा कि आशुतोष पांडेय, राहुल मिश्रा और उनके सहयोगियों को जानबूझकर मुकदमे में फंसाया गया है। इसका मकसद जनआंदोलन को कुचलना है।
बिजली के लिए एनएच-31 को छात्रों ने जाम जरूर किया था, लेकिन वहां अराजकतत्वों द्वारा बस पर पथराव किया गया था। इसके बाद दर्जनों पुलिस कर्मी बस की सुरक्षा में लगाए गए थे। पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में आखिरकार बस में आग कैसे लग गई।
इससे साफ जाहिर होता है कि पुलिस अफसरों के इशारे पर रोडवेज बस में पुलिस कर्मियों ने खुद ही आग लगाया है और छात्रनेताओं को इसके लिए जिम्मेदार बताते हुए फर्जी मुकदमे फंसाया गया है। कहा कि पुलिस ने अगर फर्जी मुकदमे नहीं हटाए तो छात्र आंदोलन तेज करेंगे।
वहीं शनिवार को टीडी कालेज चौराहे पर छात्र नेता प्रभात मौर्या के नेतृत्व में प्रशासन का पुतला दहन किया गया। इसी क्रम में सतीश चंद्र चौराहे पर अनूप उपाध्याय, कुंवर सिंह चौराहे पर मिथिलेश यादव, दुबहर डिग्री कालेज के पास पूर्व महामंत्री आयुष पांडेय तथा दूबेछपरा डिग्री कालेज पर अमूल सिंह के नेतृत्व में पुतला दहन किया गया।
इस मौके पर मुख्य रूप से विशाल पाठक, चंदू तिवारी, सुनील पांडेय, यसजीत सिंह, चंदन यादव, साधु यादव, राहुल मिश्रा, मनोज यादव, आनंद पांडेय, शनि राय, संदीप मिश्रा, शाश्वत आदि रहे।