बलिया। जिले के 613 माध्यमिक स्कूलों में नए शिक्षा सत्र में पर्यावरण क्लब का नए सिरे से गठन किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यालय छोड़कर जा चुके छात्रों के स्थान पर नए छात्रों को शामिल करना है, ताकि उन्हें पर्यावरण मित्र बनाकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सके।
दरअसल, पूर्व में गठित पर्यावरण क्लबों में शामिल कई छात्र अगली कक्षाओं में आ जाने या विद्यालय छोड़ देने के कारण क्लब से अलग हो गए हैं। इस वजह से क्लब के सदस्यों की संख्या कम हो गई है और पर्यावरण संरक्षण संबंधी गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने नए सत्र में प्रत्येक कक्षा से कुछ छात्र-छात्राओं को पर्यावरण मित्र बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। ये पर्यावरण मित्र अपने सहपाठियों के साथ मिलकर स्कूलों में नियमित रूप से पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण, जल संचयन और स्वच्छता जैसे कार्यों का संचालन करेंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि विद्यालयों में पर्यावरण क्लब का पुनर्गठन किया जाएगा, जो छात्र विद्यालय छोड़ चुके हैं, उनके स्थान पर नए छात्रों को शामिल किया जाएगा ताकि पर्यावरण संरक्षण का कार्य सुचारू रूप से चलता रहे।
विभिन्न प्रतियोगिताओं से किया जाएगा जागरूक : पर्यावरण क्लब के तत्वावधान में आगामी जुलाई से अगस्त तक पर्यावरण सप्ताह या पखवाड़े का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान छात्रों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें पोस्टर बनाना, स्लोगन लिखना, कविता लेखन, निबंध लेखन, कहानी लेखन और भाषण प्रतियोगिताएं प्रमुख हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्र-छात्राएं पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझेंगे और इसके प्रति संवेदनशील बनेंगे।