स्नातक कक्षाओं में प्रवेश परीक्षा लिए बनाए गए प्रश्रपत्र में गलत विकल्प दिए जाने से नाराज सतीश चंद्र कालेज के छात्रों ने कालेज के प्राचार्य का पुतला दहन किया। इस दौरान कालेज प्रशासन के खिलाफ छात्रों ने जमकर नारेबाजी की। इस पूरे प्रकरण की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ जांच कराने की मांग की। इस दौरान पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग जिला प्रशासन से की गई।
ज्ञापन में उल्लेख किया है कि एमएससी (मैथ) के प्रवेश परीक्षा में केवल एक ही सीरीज के प्रश्रपत्र कुछ कमरों में बांटे गए। जबकि एबीसी और डी चार सीरीजों में प्रश्र पत्र थे । वहीं कुछ विषयों में दो सीरीज बांटे गए थे। उल्लेख किया है कि ओएमआर सीट ए बी सी एवं डी चार सीरीजों में होनी चाहिए थी। लेकिन कालेज प्रशासन की मंशा साफ नहीं रही, जिसके कारण ऐसी गड़बड़ी की गई।
इसी प्रकार बीए के प्रश्र पुस्तिका के निर्माण में भी लापरवाही एवं अनियमितता पाई गई। एक प्रश्र में पूछा गया था कि मुख्य न्यायाधीश कौन है? जब कि वर्तमान मुख्य न्यायाधीश का नाम नहीं था और उपरोक्त में से कोई नहीं विकल्प भी नहीं था। इसी प्रकार अन्य ऐसे कई प्रश्न थे। जिससे छात्र असमंजस में है कि हमारा परीक्षा परिणाम क्या होगा? ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि किसी घटिया एजेंसी से प्रश्नपत्र बनवाकर प्रवेश परीक्षा शुल्क का बंदरबांट कर लिया गया है।
उन्होंने जिलाधिकारी से मांग किया कि परीक्षार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए उच्च स्तरीय जांच कराई जाय। साथ ही सुनिश्चित किया जाय कि वर्तमान में सत्र में प्रवेश इंटरमीडिएट की परीक्षा में प्राप्त अंक के आधार पर किया जाय या पुन: पारदर्शी ढंग से प्रवेश परीक्षा कराई जाय। चेताया कि अगर तत्काल इस पर कार्रवाई नहीं की गई तो छात्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।