छात्रसंघ राजनीति की एक ऐसी नर्सरी है, जहां से निकले व्यक्ति की अलग पहचान होती है। वैसे राजनीति में गिरावट आने के साथ ही छात्रसंघ में भी गिरावट आ गई है। आज छात्रसंघ को लिंगदोह रूपी हथकड़ी से कैद कर दिया गया है। ऐसे में छात्रों की जिम्मेदारी बनती है कि वे आंदोलन कर इस हथकड़ी को तोड़ें।
यह बात रविवार को सूबे के बेसिक शिक्षक मंत्री रामगोविंद चौधरी ने कही। वह कुंवर सिंह महाविद्यालय में छात्रसंघ के उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस समय देश संकट से गुजर रहा है। इसका मुकाबला करने के लिए छात्रों को आगे आना होगा। उन्होंने छात्रों को गुरुजनों के सम्मान की नसीहत दी। कबीना मंत्री नारद राय ने कहा कि जनता से किए वादों पर जो सरकार खरा नहीं उतरती है, उसे जनता ठुकरा देती है। सपा की सरकार छात्रसंघ की बहाली की पक्षधर है। जिसने सत्ता में आते ही पूर्व सरकार द्वारा प्रतिबंधित छात्रसंघ को बहाल करने का काम किया। कहा कि यदि छात्र सामाज हित के लिए आंदोलन करते हैं, तो हम अपने मंत्री पद को छोड़कर उनका समर्थन करेंगे। पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के संयोजक नागेंद्र बहादुर सिंह झुन्नू ने कहा कि छात्र संघ छात्रों और समाज के हित की लड़ाई लड़ने के लिए है, न कि आंदोलन के नाम पर सरकारी वाहन फूंकने और तोड़फोड़ करने की। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि बेसिक शिक्षक मंत्री रामगोविंद चौधरी और विशिष्ट अतिथि नारद राय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इसी क्रम में महाविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष अभिषेक यादव, महामंत्री आशुतोष ओझा, उपाध्यक्ष कमलेश प्रजापति, पुस्तकालय मंत्री अखिलेश यादव और कला संकाय के प्रतिनिधि लक्ष्मीकांत गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर मानवेंद्र विक्रम सिंह, राकेश सिंह टिंंकू, मिथलेश यादव मोती, रणजीत निहाल, जैनेंद्र पांडेय मिंटू, विकास कुमार विक्की, ब्रह्मानंद सिंह बंटी, जावेद कमर खां, पवन सिंह, आशीष प्रताप सिंह, सुधीर सिंह, टुनटुन, सत्येंद्र यादव, राणा प्रताप यादव दाढ़ी, प्रभुनाथ यादव, विनय शर्मा, अजय तिवारी, आनंद वर्मा, राकेश वर्मा आदि रहे। अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डा. अंजनी कुमार सिंह तथा संचालन आनंद विक्रम सिंह विक्की ने किया।