बेरुआरबारी/बांसडीह। जनपद में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर रविवार को छात्रनेताओं को उनके घरों में नजरबंद रखा गया। छात्रनेता आलोक सिंह कुंवर ने पत्रकारों से कहा कि दुर्भाग्य है कि जननायक चंद्रशेखर के आदर्शों पर चलने वाले छात्रनेताओं को उनके आदर्श की प्रतिमा अनावरण का दीदार का मौका बलिया पुलिस ने छीन लिया।
पिछले डेढ़ महीने से बलिया के छात्र नेता एवं छात्र पुलिस के अमर्यादित व्यवहार के खिलाफ, छात्रसंघ बहाली और बलिया कोतवाल की बर्खास्तगी की मांग को लेकर आंदोलित हैं। छात्रनेता मुख्यमंत्री से इन्हीं समस्याओं के लिए मिलना चाहते थे। आलोक ने कहा कि बलिया प्रशासन अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए लगातार शहर कोतवाल को बचा रहा है। जब भी मुख्यमंत्री बलिया आते हैं, तब प्रशासन अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए हाउस अरेस्ट कराता है। आज भी छात्रनेता आलोक कुंवर, धनंजय सिंह, रोहित चौबे, मनन दुबे, प्रवीण विक्की, मोहित चौधरी आदि को हाउस अरेस्ट कर दिया गया। रोहित चौबे ने कहा कि हम भले किसी भी दल में हों लेकिन दिल में हमेशा स्व. चंद्रशेखर रहते हैं। पुलिसिया उत्पीड़न के कारण आज का दिन हमारे जीवन में इमरजेंसी दौर जैसा साबित हुआ।