दयाछपरा हवा के साथ हुई बारिश के चलते गिरी मक्के की फसल।संवाद
- फोटो : Archive
दया छपरा। बृहस्पतिवार शाम तेज हवा के साथ हुई बारिश से किसानों की मुश्किलें बढ़ गईं। खेतों में पानी भरने के साथ तेज हवा के कारण मक्के की फसल जमीन पर गिर गई। करीब सौ एकड़ में खड़ी फसल प्रभावित होने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है।
किसान बिट्टू तिवारी ने बताया कि मक्का की बुवाई के बाद हुई बारिश से पहले ही कई खेतों में जलभराव हो गया था। इससे काफी खेत परती में तब्दील हो गए। जो फसल किसी तरह बची थी, उसे गुरुवार शाम हुई तेज बारिश और हवा ने भी प्रभावित कर दिया।
किसानों का आरोप है कि टेंगरही हनुमान मंदिर के सामने बन रहे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के कारण खेतों से पानी की निकासी बाधित हो गई है। उनका कहना है कि एक्सप्रेसवे निर्माण से पहले बारिश का पानी चकिया की ओर बहकर गड्ढों में चला जाता था।
अब निकासी का रास्ता अवरुद्ध होने से टेंगरही हनुमान मंदिर से लेकर पांडेपुर, दया छपरा और आसपास के गांवों के खेतों में पानी जमा हो रहा है। किसानों के अनुसार, हरखपुरा मौजा के किसान किशुन पासवान, रामजी यादव, लुकमान मियां, पंकज त्यागी, हितेश्वर वर्मा समेत अन्य किसानों के खेत जलभराव की चपेट में हैं। तेज हवा के चलते मक्के के पौधे जड़ समेत उखड़कर अथवा पूरी तरह जमीन पर गिर गए हैं।
किसानों ने प्रशासन से खेतों से पानी की तत्काल निकासी की व्यवस्था कराने, फसल नुकसान का सर्वे कराने और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि समय रहते जलनिकासी नहीं हुई तो बची हुई फसल भी पूरी तरह नष्ट हो सकती है।