बलिया। वाइल्ड बंच क्रिएशंस एवं फीनिक्स इंटरनेशनल स्कूल अगरसंडा के संयुक्त बैनर तले गुरुवार की शाम गाजीपुर के प्रख्यात कथाकार प्रो. रामबदन राय के उपन्यास पर आधारित फिरकी वाली नाटक का मंचन नगर के टाउन हाल के सभागार में आयोजित किया गया। इसमें कलाकारों ने समाज में हो रहे अत्याचार के विरुद्घ करारा प्रहार कर जीवंत मंचन कर वाहवाही लूटी।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. मान्धाता सिंह एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जनार्दन राय ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित एवं दीप जलाकर किया। नाटक मंचन में डोम बिदादरी की सुगिया को उसका बाप पांच सौ रुपया में गनेशी को बेच देता है। उधर, सुगिया व सोहना में प्रेम हो जाता है और एक दिन सुगिया व सोहना फरार हो जाते है और शादी कर लेते है। इधर, गनेशी सुगिया को ढूंढता है। इसी बीच उसे पता चलता है कि सुगिया व सोहना बगल के गांव में शादी कर रह रहे है। वह थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज करवाता है। जहां से थाने के दो सिपाही सुगिया को पकड़ थाने लाते है।
इसमें एक सिपाही की नियत सुगिया के प्रति खराब हो जाती है। वह पानी पीने के बहाने उसके साथ जोर जबरदस्ती करने का प्रयास करता है। जिसका विरोध दूसरा सिपाही करता है और सिपाही को मारते हुए कहता है कि तुम लोगों के वजह से पुलिस महकमा बदनाम होती है। इसी प्रकार थानाध्यक्ष एवं अन्य लोग सुगिया पर गलत निगाह से देखते है। बावजूद सुगिया हार नहीं मानती है और थाने में ही सिपाही का पिटाई कर देती है। इसी बीच एसपी पहुंचते है और थानेदार को फटकार लगाते हुए सुगिया और सोहना को आजाद कर देते है।
इस प्रकार की प्रस्तुत कर कलाकारों ने समाज में फैली कुरीतियों पर प्रहार करते हुए लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया। जिसे सभी सराहना की। अंत में सभी कलाकारों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कलाकारों में समीर खान, निधि तिवारी, विवेकानंद सिंह, सुनील यादव, चंदन भारद्वाज, सुनीता पर्वत, कौशल शुक्ल, जगदीश सिंह, शपोएब अख्तर, विकास, रेखा यादव, हिमांशु गुप्त, आफताब, नितेश शर्मा, अंकित, अमरजीत, अमित यादव, रोहित राय, दिलीप, प्रिया, साक्षी, राहुल यादव, सुनील शर्मा रहे।