बलिया। आईजीआरएस की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने शुक्रवार को अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी।
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में फीडबैक और भौतिक सत्यापन की स्थिति अपेक्षित स्तर पर नहीं मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने सभी एसडीएम को सुधार के लिए तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
फीडबैक की समीक्षा में सदर और बांसडीह तहसील में 65-65 प्रतिशत, बैरिया में 51, रसड़ा में 66, सिकंदरपुर में 71 और बेल्थरारोड में 74 प्रतिशत प्रगति मिली।
डीएम ने कहा कि किसी भी तहसील में फीडबैक 80 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए। उन्होंने एसडीएम को निर्धारित मानक के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। भौतिक सत्यापन में बैरिया 68, बांसडीह 79, रसड़ा 80 और सिकंदरपुर 83 प्रतिशत पर मिला। डीएम ने सभी एसडीएम को शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण के साथ मौके पर सत्यापन भी गंभीरता से कराया जाए।
मुख्यमंत्री संदर्भ से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर डीएम ने सभी एसडीएम को फटकार लगाई और संबंधित अधिकारियों को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री संदर्भ की शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर निस्तारण कराने को कहा।
उन्होंने जिलाधिकारी संदर्भ की शिकायतों को निर्धारित 15 दिन की समय सीमा में निस्तारित करने के निर्देश दिए। वहीं मुख्यमंत्री संदर्भ, पीजी पोर्टल और ऑनलाइन आवेदनों के मामलों में कानूनगो, लेखपाल, नायब तहसीलदार और तहसीलदार को तीन दिन में निस्तारण करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी करने को कहा।