बलिया। मौसम बदलने और प्रजनन काल चलने के कारण कुत्ते उग्र हो गए हैं। प्रतिदिन शहर से लेकर देहात क्षेत्रों से 50 से 60 लोग जिला अस्पताल में एंटी रेबीज का टीका लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में सोमवार को 65 लोग टीका लगवाने के लिए पहंुचे। कुत्तों के काटने से 13 लोगों को गहरे जख्म हुए थे। जनवरी से जुलाई 31 तक 19420 लोगों को एआरवी के टीके लगे।
कुत्ता काटने का सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो देख लोगों की रूह कांप जा रही है। हर कोई खुद व बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आ रहा है। इन दिनों शहर से लेकर देहात की गलियों में खूंखार कुत्ते घूम फिर रहे हैं। कुत्तों के डर से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। खूंखार कुत्ते राह चलते लोगों पर हमला कर दे रहे हैं।
नसीराबाद गांव निवासी 43 वर्षीय बुजुर्ग लक्ष्मण कुमार ने बताया कि सोमवार की शाम पड़ोस में गए थे। तभी एक कुत्ते ने पैर में काट लिया। जिला अस्पताल पहुंचकर एआरवी का टीका लगाया। शहर के जापलिंगंज निवासी अमन गुप्ता ने बताया कि बाजार से शाम को लौट रहे थे, तभी पालतू जर्मन शेफर्ड ने हाथ में काट लिया। जिला अस्पताल जाकर टीका लगवाया।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. रितेश सोनी और फार्मासिस्ट मनोज कुमार ने बताया कि प्रतिदिन ओपीडी में 105-120 लोग एआरवी लगवाने आ रहे हैं। इनमें 50 से 60 लोग पहली बार एआरवी लगवाने वाले होते हैं, जिनमें 30 फीसदी संख्या बच्चों की रहती है। करीब 13 दिन से मामले बढ़े हैं।
कुत्ता काटने पर करें उपाय
कुत्ते के काटने के तुरंत बाद घाव को कम से कम 15 मिनट तक साफ पानी से धोना चाहिए। इससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। फिर 6 घंटे के भीतर टिटनेस का टीका लगवाना चाहिए। चिकित्सक की माने तो आवारा कुत्तों के मामले में ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत है। नजदीकी चिकित्सक से संपर्क कर एआरवी का टीका लगवाना चाहिए। कुछ लोग ऐसे भी आ रहे हैं जो समय से एआरवी नहीं लगवाते हैं। लापरवाही जानलेवा हो सकती है।
बरतें ये सावधानी
- कुत्तों के एकदम नजदीक से भाग-दौड़ न करें।
- कुत्तों के कान और पूंछ आदि न खींचें।
- कुत्ते आपस में लड़ रहे हों तो भी उनसे दूर रहें।
- सोते हुए कुत्ते को किसी भी हाल में न छेड़ें।
- कुत्ता कुछ खा पी रहा हो तो उसके पास न जाएं।
- अगर कुत्ते के पिल्ले उसके साथ हों तो नजदीक न जाएं।
जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी और पीएचसी पर एआरवी व आरआईजी मौजूद है। स्टॉक में 2365 से अधिक एआरवी का वाॅयल मौजूद है। अस्पताल आने वाले मरीजों को एआरवी का टीका लगाया जाता है। डॉ. संजीव वर्मन, सीएमओ बलिया।