जो चीजें दिखाई गईं, उनमें अकबर महान शामिल है, जबकि आईने अकबरी और अकबर के समकालीन इस्लामी इतिहासकारों ने भी उसे कभी महान नहीं कहा। भारत का प्रथम विश्वविद्यालय तक्षशिला जो अफगानिस्तान में है वह हमारा है और हमारा होना चाहिए, उन सारे लोगों को सांप्रदायिक कहा गया।
उन्होंने भारत के विभाजन को लेकर भी प्रथम प्रधानमंत्री पंडित नेहरू पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि जहां के लोग पाकिस्तान नहीं बनाना चाहते थे वहां पाकिस्तान बना और जहां के लोगों ने पाकिस्तान के गठन के लिए ज्यादा वोट किया था, वे देश में ही रह गए। शिक्षा मंत्री अबुल कलाम आजाद के बाद एमसी छागला, नूरुल हसन और हुमायूं कबीर जैसे लोगों ने भारत की शिक्षा पद्धति को नुकसान पहुंचाया।
संसदीय कार्य राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला का पक्ष
वायरल वीडियो को लेकर संसदीय कार्य राज्यमंत्री आनंद स्वरुप शुक्ल ने कहा कि इस देश का दुर्भाग्य रहा कि कांग्रेस के विभिन्न शिक्षा मंत्रियों ने देश की शिक्षा व्यवस्था को देश के महान नायकों के विपरीत सुनियोजित साजिश के तहत हमें मुगलों का गुलाम दिखाया और उन्हें ही महान बताया।