स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके लिए विवि समय-समय पर ग्रामीण क्षेत्रों में कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं का सर्वेक्षण करें और स्वास्थ्य शिविर लगाएं और जागरूकता अभियान चलाएं। नई शिक्षा नीति स्वदेशी ज्ञान और तकनीक के आधार पर नए भारत को शक्तिशाली बनाने में सहायक होगी।
शिक्षा को भारतीय जनजीवन और सामाजिक व सांस्कृतिक चेतना से जोड़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति से भारतीय ज्ञान-शक्ति के सहारे आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा। इस मौके पर जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कल्पलता पांडेय एवं विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारीगण आनलाइन जुड़े थे।
बलिया में मत्स्य उत्पादन की व्यापक संभावनाएं
राज्यपाल ने कहा कि बलिया जनपद प्राकृतिक जल स्रोतों से अत्यंत समृद्ध है और यहां मत्स्य उत्पादन की व्यापक संभावनाएं भी हैं। इसके लिए सम्यक प्रशिक्षण और वैज्ञानिक तरीकों का प्रयोग करते हुए मत्स्य उत्पादन में भारी वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा दिया जाए तो यहां के किसानों की समृद्धि के दरवाजे खुल सकते हैं। परंपरागत कृषि की जगह नवाचारी कृषि का प्रयोग यहां के किसानों का जीवन स्तर बदल सकता है।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय ने अपने छोटे से काल में ही कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, जो प्रशंसनीय हैं। सीमित संसाधनों और कोरोना से उत्पन्न कठिन परिस्थितियों के बावजूद विश्वविद्यालय ने निर्धारित समय सीमा के अंदर नकलविहीन परीक्षा कराई। समय से परीक्षाफल घोषित किया। कुछ पाठ्यक्रमों में सबसे पहले परीक्षाफल घोषित करके इस विश्वविद्यालय ने प्रदेशभर के विश्वविद्यालय के समक्ष एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।