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नहीं लिया नोटिस का संज्ञान तो बीएसए ने 32 प्रधानाध्यापकों का वेतन रोका

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बलिया। जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में अध्यापकों की मनमानी इस कदर हावी है कि उनके लिए ना शिक्षा महानिदेशक और ना ही बेसिक शिक्षा अधिकारी का आदेश कोई मायने रख रहा है। लखनऊ से आई विभागीय टीम को 32 विद्यालयों में अक्टूबर 2020 में हुए कई कार्यों में वित्तीय अनियमितता मिली। टीम की रिपोर्ट पर बीएसए ने संबंधित प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी किया लेकिन किसी ने भी नोटिस का जवाब नहीं दिया। इसे गंभीरता से लेते हुए अब बीएसए ने सभी 32 प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों के प्रधानाध्यापकों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है। उन्होंने एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है।
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इनमें गड़वार ब्लॉक के जूनियर हाईस्कूल फेफना, हनुमानगंज ब्लाक के जूनियर हाईस्कूल सागरपाली सोहांव ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल नसीरपुर कला, जूनियर हाईस्कूल नसीरपुर कला, जूनियर हाईस्कूल रायगढ़, जूनियर हाईस्कूल चितबड़ागांव, जूनियर हाईस्कूल सरयां, जूनियर हाईस्कूल कोटवा नारायणपुर, प्राइमरी स्कूल कोटवा नारायणपुर, जूनियर हाईस्कूल कोटवा नारायणपुर नंबर एक, प्राइमरी स्कूल सोहांव नंबर एक, रसड़ा ब्लॉक के जूनियर हाईस्कूल रसड़ा, जूनियर हाईस्कूल मुरेरा, कन्या जूनियर हाईस्कूल रसड़ा, जूनियर हाई स्कूल कटुहरा नंबर एक, जूनियर हाई स्कूल जाम, प्राइमरी स्कूल जाम, जूनियर हाईस्कूल महाराजपुर, मनियर ब्लॉक के जूनियर हाईस्कूल धसका, जूनियर हाईस्कूल मनियर, जूनियर हाईस्कूल बालूपुर, दुबहड़ ब्लॉक के कन्या जूनियर हाईस्कूल शिवपुर दियर, जूनियर हाईस्कूल अखार, नवानगर ब्लॉक के जूनियर हाईस्कूल सिकंदरपुर, प्राइमरी स्कूल सिवानपर, बांसडीह ब्लाक के जूनियर हाईस्कूल बांसडीह, प्राइमरी स्कूल घेड़हप्पा, जूनियर हाईस्कूल सरंगपुर, जूनियर हाईस्कूल देवडीह, प्राइमरी स्कूल देवडीह और जूनियर हाईस्कूल लखराय खरौनी के प्रधानाध्यापक शामिल हैं।
अक्टूबर में लखनऊ से आई थी विभागीय टीम
बलिया। बीते वर्ष अक्टूबर के महीने में लखनऊ से आई विभागीय टीम ने जनपद के 32 प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूलों का निरीक्षण किया था, जिसमें विद्यालयों में हुए निर्माण कार्यों में भारी अनियमितता सामने आई थी। इस बाबत स्कूल शिक्षा महानिदेशक ने बीएसए को पत्र लिख कर 32 प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया था, जिसके अनुपालन में बीएसए ने 28 नवंबर 2020 को पत्र जारी कर सभी 32 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों स्पष्टीकरण मांगा था। साथ खंड शिक्षा अधिकारियों को अनियमितता दूर करने का निर्देश दिया था लेकिन एक माह से अधिक का समय व्यतीत होने के बाद भी किसी प्रधानाध्यापक ने अपना स्पष्टीकरण बेसिक शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध नहीं कराया, जिसके बाद बीएसए ने वेतन रोकने की कार्रवाई की।
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एक सप्ताह के अंदर अगर किसी प्रधानाध्यापक द्वारा स्पष्टीकरण नहीं दिया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा। - शिवनारायण सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बलिया
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