सोहांव ब्लाक के चितबड़ागांव स्थित गोदाम में सड़ गए वितरण को आए 50 क्विंटल चने की बीज के मामले की जांच शुरूहो गई है। उप कृषि निदेशक ने जांच के लिए जिला कृषि अधिकारी की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम गठित की है। तीन दिन पहले यहां से गुजरते हुए कृषि मंत्री ने गोदाम का निरीक्षण किया था।
बीज सड़ा मिलने पर नाराज मंत्री ने मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सूत्रों की मानें तो पांच साल पहले जिले के दो बड़े कृषि अधिकारियों की आपसी तनातनी में बीज का वितरण नहीं हो सका था। वितरण को आया लाखों का बीज गोदाम में ही सड़ गया। जांच शुरू होने से अधिकारियों में खलबली मची है।
वर्ष 2012-13 में सोहांव ब्लाक के गोदाम पर 50 क्विंटल चने का बीज उपलब्ध कराया गया था। गोदाम प्रभारी की मानें तो कुछ किसानों को बीज दिया गया, लेकिन उसका जमाव कम होने की बात कहते हुए किसानों ने इसकी शिकायत की। जांच कराई गई तो बीज का जमाव सही निकला।
वहीं, सूत्रों की मानें तो तत्कालीन जिला कृषि अधिकारी शैलेन्द्र प्रताप शाही और उप कृषि निदेशक डीपी सिंह के बीच तनातनी होने के कारण बीज के प्रकरण का निस्तारण नहीं हो सका और बीज गोदाम में ही सड़ गया। मामले के निस्तारण के लिए कई बार विभाग की ओर से निदेशालय को पत्र भेजकर निर्देश मांगा गया, लेकिन निदेशालय भी मामले में चुप्पी साधे रहा।
तीन दिन पहले भरौली गांव में गड़हा विकास मंच की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने रास्ते में चितबड़ागांव मोड़ पर स्थित बीज गोदाम का निरीक्षण किया था। गोदाम में 50 क्विंटल सड़े हुए चने के बीज को देखकर वो आग बबूला हो गए। अफसरों को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मंत्री के निर्देश पर उप कृषि निदेशक ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है।
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चितबड़ागांव स्थित गोदाम में सड़े हुए बीज के निस्तारण के संबंध में कई बार निदेशालय को पत्र भेजा गया। अब कृषि मंत्री के निर्देश पर मामले की जांच के लिए टीम बना दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- टीपी शाही, उप कृषि निदेशक, बलिया