सूबे के बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी के विधानसभा क्षेत्र बांसडीह के दियारा भांगड़ गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में तबेला चलने और तीन साल से विद्यालय के बंद होने के मामले की जांच बेसिक शिक्षा अधिकारी करेंगे।
अमर उजाला में गुरुवार को इस मामले का खुलासा होने के बाद प्रभारी जिलाधिकारी के. बालाजी ने बीएसए से इसकी जांच कर तीन दिन के अंदर रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने छात्रवृत्ति, ड्रेस, मिड-डे-मील और पुस्तकों के वितरण के संबंध में भी जानकारी मांगी है।
बता दें कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम के तहत जिला मुख्यालय से मिली सूची के मुताबिक डा. विनोद सिंह के नेतृत्व में चिकित्सकों की एक टीम मंगलवार को दियारा भागड़ स्थित प्राथमिक विद्यालय पर पहुंची तो वहां का नजारा देखकर टीम भौचक रह गई।
विद्यालय के सभी कमरों में भैंसें बंधी थीं। जबकि सूची के मुताबिक इस विद्यालय में 110 बच्चे पंजीकृत हैं और हेडमास्टर के रूप में अभय सिंह तैनात हैं। यहां एक शिक्षामित्र और दो रसोइयों की भी तैनाती है।
गुरुवार को अमर उजाला में इसकी खबर प्रकाशित होने के बाद स्कूल से आनन-फानन में भैंसें हटा दी गईं। सफाई भी शुरू हो गई लेकिन गुरुवार को भी विद्यालय में कोई शिक्षक नहीं पहुंचा।
विद्यालय की हकीकत जानने के लिए बीएसए जितेंद्र सिंह के निर्देश पर बीईओ एके झा ने मौके पर दो एनपीआरसी को भेजा। झा ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं था। अब जांच कराई जा रही है। जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।