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Ballia News: जलस्तर ठहरा तो पलट प्रवाह से कटान, एनएच-31 के डेंजर पॉइंट पर दबाव

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मझौंवा क्षेत्र में अब धीरे-धीरे कम हो रहा गंगा नदी के बाढ़ का पानी।संवाद
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बलिया/ मझौवां। गंगा व सरयू नदी के जलस्तर ठहरने के बाद पलट प्रवाह से कटाने होने लगी है। हुकुम छपरा गंगा का दबाव राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के डेंजर पॉइंट पर लगातार बढ़ता जा रहा है। बैरिया और बांसडीह तहसील के 15 से ज्यादा गांव पानी से घिरे हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए 51 नावों को लगाया गया है।
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पलट प्रवाह से उदई छपरा के पूरब दिशा में कटान तेज हो गई है। कटान की चपेट में आने से करीब 3 बीघा परवल की फसल गंगा की लहरों में समा गई। बाढ़ विभाग के एक्सईएन संजय कुमार मिश्र ने बताया कि नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव होने पर हल्का-फुल्का कटान होना स्वाभाविक है। हुकुम छपरा गंगा का दबाव राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के डेंजर पॉइंट पर लगातार बढ़ता जा रहा है। स्पर संख्या 26.250 पर दो साल से अधूरे पड़े ठोकर के ऊपरी हिस्से पर कार्य अधूरा था। शिकायत के बाद ईंट बिछाने का काम शुरू किया गया।
फिलहाल हुकुम छपरा से लेकर गायघाट तक करीब एक हजार एकड़ कृषि भूमि बाढ़ के पानी में जलमग्न है। खेतों में पानी भरने से किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं। वहीं, आबादी वाले क्षेत्रों से पानी निकलने के बाद भी जलभराव और मच्छरों के कारण ग्रामीणों को राहत नहीं मिल पा रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार शाम चार बजे गायघाट गेज पर गंगा का जलस्तर 58.360 मीटर दर्ज किया गया। फिलहाल नदी का जलस्तर स्थिर है। गंगा लाल निशान 57.615 मीटर से 745 सेमी ऊपर बह रही है।
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पशुपालकों के लिए चारे का संकट
मझौवां। सबसे विकट परिस्थिति उन बाढ़ पीड़ितों को हो रही है। रुद्रपुर से लेकर उदई छपरा गांव के निचले इलाकों में अपने पशुओं को लेकर ठहरें है। पशुओं के लिए चारों की व्यवस्था न होने के कारण, किसानों के सामने दोगुना संकट खड़ा हो गया है। संवाद
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बाढ़ का पानी लौटने के बाद मच्छरों का प्रकोप
मझौवां। जिन आबादी वाले क्षेत्रों से बाढ़ का पानी वापस लौट गया है, वहां लोगों की दुश्वारियां कम होने के बजाय नई समस्या सामने आ गई है। पानी जमा रहने के कारण मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है। मझौवां से लेकर बाबूबेल तक अभी भी कई हिस्सों में बाढ़ का पानी फैला हुआ है। कीटनाशक दवाओं के छिड़काव की मांग को लेकर दीनानाथ तिवारी, वीरेंद्र तिवारी, अभिनंदन ठाकुर, लकड़ी मिश्र, संजय चौधरी, रोहित पाण्डेय और गुड्डू गुप्ता समेत दर्जनों ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल छिड़काव कराने की मांग की। एसडीएम बैरिया शशि भूषण मिश्र ने बताया कि कुछ कारणों से कीटनाशक दवाओं की आपूर्ति में देरी हुई है। जल्द ही प्रभावित क्षेत्रों में छिड़काव का कार्य शुरू कराया जाएगा। बैरिया विधायक जयप्रकाश अंचल ने भी प्रशासन से बाढ़ प्रभावित गांवों में जल्द से जल्द कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराने की मांग की है। संवाद
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सरयू : बाढ़ की दुश्वारियां कम नहीं हो रहीं
बैरिया। सरयू नदी के जलस्तर में घटाव के साथ ही दियराचंल के लोगों को एक बार फिर कटान का डर सताने लगा है। बाढ़ का पानी थोड़ा कम होने पर लोगों को राहत जरूर मिली है, किंतु बाढ़ की दुश्वारियां कम नहीं हो रही है। कई स्थानों पर बस्तियों में पानी घुसने से आवागमन की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गोपाल नगर टाड़ी, शिवाल मठिया व गोपाल नगर वशिष्ठ नगर सीवान पर कटान का खतरा एक बार फिर मड़राने लगा है। उपजाऊ जमीन तेजी से कटान के भेंट चढ़ रही है। उप जिलाधिकारी शशि भूषण मिश्रा ने बताया कि सरयू नदी का पानी उतर रहा है। एक-दो दिन में यहां बाढ़ की स्थिति समाप्त हो जाएगी। संवाद
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बाढ़ से ग्रामीण परेशान हैं, हम लोगों के मकान कटान में समा रहे हैं। प्रशासन की ओर से कटान रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। गुहार लगाने के बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जदु यादव, निवासी भोजपुरवा

कटान की जद में आए किसानों की समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। शिकायत के बावजूद प्रशासन की ओर से काई अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचकर हमलोगों की समस्या नहीं सुनता है।
राजू यादव, निवासी सारंगपुर
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पीड़ितों के राशन किट बांटी गई



बलिया। तहसील बलिया की ग्राम मुड़ाडीह एवं शहर के वार्ड 11 में बाढ़ का पानी आबादी क्षेत्र में फैल गया है। तहसील बैरिया के ग्राम गोपालनगर टाड़ी, देवपुर मठिया व चॉददियर के आबादी क्षेत्र भी बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच 1100 राशन किट वितरित की गई। दवाओं की 5040 किट भी प्रदान की गई। राहत एवं बचाव कार्य के लिए 51 नावों का संचालन हो रहा है। बताया कि बाढ़ प्रभावित ग्रामों के व्यक्तियों से कन्ट्रोल रूम से दिन में दो बार संपर्क किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित लोग जिला मुख्यालय पर स्थित कन्ट्रोल रूम के नंबर-9454417979, 05498 220832, 05498 220235 व टोल फ्री नम्बर 1077 पर सम्पर्क कर सकते हैं। संवाद
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