खंभों और ट्रांसफार्मर पर लगेगा विशेष क्यूआर कोड
विभाग निजी कंपनी की मदद से जीपीएस लगाकर रोकेगा बिजली चोरी
कर्मियों को तकनीक से फाल्ट खोजने में होगी सहूलियत, बचेगा समय
संवाद न्यूज एजेंसी
बलिया। बिजली के तार में कटिया फंसा कर बिजली की चोरी करने वाले की अब खैर नहीं है। बिजली विभाग पर नकेल कसने के लिए खंभों और ट्रांसफार्मर पर क्यूआर कोड लगाने की कवायद शुरु कर चुका है। इसके तहत शहर के करीब 700 और देहत क्षेत्र के 40 विद्युत ट्रांसफार्मरों विशेष क्यूआर कोड लगाया जा चुका है। जबकि शेष पर लगाने की कार्यवाही चल रही है। इस तकनीक से जहां बिजली चोरी रोकने में मदद मिलेगी, वहीं कर्मियों को फाल्ट खोजने और उपभोक्ताओं की भी जानकारी रखने में सहूलियत होगी।
विभाग हैदराबाद की निजी कंपनी बीसीआईटीएस के सहयोग से खंभों और ट्रांसफार्मर पर जीपीएस व विशेष क्यूआर कोड का इस्तेमाल कर रहा है। इससे बिजली की खपत की भी निगरानी हो सकेगी। इससे बिजली की खपत के साथ जानकारी के अनुसार, कंपनी फाल्ट आदि की भी निगरानी हो जीपीएस की मदद से बिजली के सकेगी। इस तकनीक के माध्यम से खंभों के स्थानों को ऑनलाइन जहां फाल्ट खोजना आसान हो करेगी। साथ ही खंभों व ट्रांसफार्मर सकेगा, वहीं बिजली चोरी पर भी पर यूनिक क्यूआर कोड लगाएगी, निगाह रखी जा सकेगी। इस काम की जिम्मेदारी हैदराबाद की बीसीआईटीएस के पास रहेगी। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फाल्ट होने पर कई बार जगह तलाशने में दिक्कत होती है। इसमें काफी समय लग जाता है। उपभोक्ताओं को भी आपूर्ति सुचारु होने का इंतजार करना पड़ता है। ऑनलाइन मैपिंग और क्यूआर कोड लगने के बाद अधिकारियों को मोबाइल पर फाल्ट वाली जगह की जानकारी मिल सकेगी। ऑनलाइन मैपिंग के बाद ट्रांसफार्मर व बिजली के खंभों का डाटा ऑनलाइन होगा। इससे ट्रांसफार्मर से होने वाली आपूर्ति की सटीक जानकारी विभाग के पास रहेगी। क्यूआर कोड से प्रभावित उपभोक्ताओं की संख्या भी विभाग को पता लग सकेगी।
इस योजना पर काम हो रहा है। इससे उपभोक्ताओं को अपने स्वीकृत भार की बिजली मिलेगी। अभियंताओं को बिजली घर से उनके ट्रांसफार्मर पर जाने वाली बिजली का अंदाजा लग सकेगा। -ल चंद्रेश उपाध्याय, अधिशासी अभियंता, बिजली विभाग, बलिया