नगर से शिवरामपुर गंगा घाट जाने वाले मार्ग पर स्थित हनुमान मंदिरके किनारे से टकराती गंगा की लहरें।
- फोटो : ballia
जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की खास योजना तैयार की है, जिसके तहत एनडीआरएफ की मदद से पीएसी जवानों और मछुआरों को ट्रेंड किया जा रहा है। बाढ़ के दौरान आपात स्थिति में मछुआरों और जवानों की मदद से लोगों को राहत पहुंचाई जाएगी। प्रशिक्षण एनडीआरएफ की 11 बटालियन वाराणसी के सदस्यों दे रहे हैं, जो प्रोजेक्टर के माध्यम से राहत व बचाव कार्य को बारीकियों को समझा रहे हैं। बाढ़ के दौरान किन सामानों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने को वरीयता देनी है, किस तरह डूबते व्यक्ति को बचाना है आदि जानकारी दी जा रही है। बाढ़ के दौरान गर्भवती महिला, बच्चे यानि मानव रक्षा पहली प्राथमिकता होगी। वन विहार के तालाब में इन होमगार्ड्स के जवानों को पानी में ट्रेनिंग दी गई। किस तरह डूबते को बचाना है इसके टिप्स दिए गए।
जनपद में बाढ़ की समस्या की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने पिछले माह वाराणसी में एनडीआरएफ की टीम मदद से लोगों को राहत पहुंचाने की योजना बनाई थी। इसके लिए उन्होंने वाराणसी में एनडीआरएफ के कमांडेंड से बात कर जनपद में बुलवाया था तथा यहां बाढ़ के दौरान लोगों को राहत पहुंचाने के लिए पीएसी जवानों और मछुवारों को प्रशिक्षण देने को कहा था। डीएम के बुलावे पर एनडीआरएफ के कुछ सदस्य जनपद में पहुंच गए हैं तथा बाढ़ प्रभावित इलाकों का भ्रमण करने के बाद राहत पहुंचाने में पीएसी जवानों को प्रशिक्षण देना शुरू कर दिए हैं। जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि एनडीआरएफ की टीम बाढ़ के दौरान राहत पहुंचाने में एक्सपर्ट होती है।
इसलिए उनकी मदद ली जा रही है। एनडीआरएफ की मदद से जनपद के पीएसी जवान और मछुवारों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वह भी ट्रेंड हो जाएं और आपात स्थिति में यदि एनडीआरएफ की टीम मौके पर नहीं भी पहुंच सकी तो वह लोगों के बीच राहत पहुंचा सके।लोगों को पानी से बाहर निकालना पहली प्राथमिकता है।