जिला अस्पताल का निरीक्षण करते जिलाधिकारी व सीएमओ।
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बलिया। जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने रविवार को पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत करने के बाद के महिला व पुरुष अस्पताल का निरीक्षण किया। महिला अस्पताल में मरीजों और तीमारदारोें ने सीएमएस के अक्सर नदारद रहने की शिकायत की। इस पर जिलाधिकारी नाराजगी जताई और मामले को गंभीरता से लेने की बात कही।
जिलाधिकारी ने 100 बेड का भवन बंद होने पर भी नाराजगी जताई और सीएमओ डॉ. प्रीतम मिश्र को जल्द इसे सक्रिय कराने का निर्देश दिया। पुरुष अस्पताल में साफ सफाई की कमी और कर्मचारियों के ड्रेस में नहीं होने पर सीएमएस को कड़ी चेतावनी दी। महिला चिकित्सालय में भ्रमण के दौरान वार्ड, लेबर रूम, एसएनसीयू, केएमसीयू और 100 शैय्या युक्त मातृ एवं शिशु भवन की हालत देखी। नए भवन के बंद होने पर कड़े शब्दों में चालू कराने की नसीहत दी। जिलाधिकारी जिला पुरूष चिकित्सालय पहुंचे और विभिन्न वार्डो का निरीक्षण किया। चिकित्सालय में नव स्थापित धुलाई यूनिट को जल्द से जल्द शुरू कराने के आवश्यक निर्देश सीएमएस को दिए। ट्रामा सेन्टर एवं सीएमओ कार्यालय के मीटिंग हाल को देखा। अस्पताल परिसर में खराब पड़ी सरकारी वाहनों को नीलाम कराने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया। सीएमएस डा. बीपी सिंह, डा. जीपी चौधरी, डा. एके मिश्रा, डा. सिद्धार्थमणि दूबे, डा. रिमझिम सिंह, डा. राशीद, डा. मिथिलेश कुमार सिंह एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
डीएम ने किया ‘पल्स पोलियो अभियान’ का शुभारंभ
बलिया। जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही व सीएमओ डॉ. प्रीतम मिश्र ने रविवार को जिला महिला चिकित्सालय के प्रांगण में पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया। डीएम ने नवजात शिशुओं को पोलियो ड्राप दो बूंद जिन्दगी की पिलाकर अभियान की शुरुआत की। इसके बाद वहां मौजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस अभियान के क्रियान्वयन पर नजर बनाए रखें। सीएमओ डॉ. मिश्र ने बताया कि अब देश में पोलियो का उन्मूलन हो चुका है, लेकिन फिर से पोलियो वायरस पनप न सके, इसलिए सुरक्षा के दृष्टिकोण से बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जा रही है। उन्होंने बच्चों के अभिभावकों से आह्वान किया अपने-अपने बच्चों को पोलियो बचाव की खुराक अवश्य पिलायें। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी/एसीएमओ डॉ. एके मिश्रा ने बताया जिले में 4.8 लाख बच्चों को पोलियो ड्राप पिलाने का लक्ष्य है। इसके लिए पूरे जिले में 1,601 बूथ बनाकर 834 टीमें और 320 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। ये टीम 20 से 24 जनवरी तक घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाएगी। वहीं एक अन्य बैक-अप टीम 27 जनवरी को छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाएगी। इस मौके पर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सिद्धार्थमणि दुबे, डॉ. राशिद, समाजिक कार्यकर्ता हाजी अफसर आलम आदि उपस्थित थे ।