फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प

Mon, 05 Oct 2015 11:31 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया
विज्ञापन
विज्ञापन
दोकटी निवासी पूर्व ब्लाक प्रमुख के खेत से पेड़, जाल और तार काटे जाने को लेकर सात लोगों के पकड़े जाने पर सोमवार को दोकटी थाने में सपा कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। स्थिति ऐसी आ गई कि थाने पर जैसे सपाजनों का कब्जा हो गया। सूचना पर एसएसपी समेत कई थानों की पुलिस पहुुंची और सभी को बाहर खदेड़ा।
विज्ञापन


इस दौरान पूर्व प्रमुख के बड़े भाई एवं भदोही सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त भी पहुंच गए। पेड़ काटे जाने को लेकर और मारपीट के आरोप में पुलिस ने दोनों तरफ से तेरह लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। निजी मुचलके पर सभी को पुलिस ने रिहा भी कर दिया। वहीं कन्हैया सिंह को छोड़े जाने पर सपा कार्यकर्ताओं ने बैरिया-दोकटी मार्ग पर कुछ देर के लिए जाम भी लगाया।

रामपुरकोड़हरा निवासी वरूदन यादव, राकेश, कमलेश, रंजन, चंद्रमा, उमेश, मिथिलेश आदि पूर्व ब्लाक प्रमुख कन्हैया सिंह के खेत से पेड़, जाल और तार काट रहे थे। सूचना पर पहुंचे कन्हैया सिंह ने सभी को पकड़कर घर लाया। आरोप है कि उनके साथ मारपीट की गई।
विज्ञापन


सूचना पर पहुंची पुलिस ने पूर्व प्रमुख समेत सातों आरोपियों को थाने ले आई। सभी को लाकअप में डाल दी। इसी बीच पेड़ काटने वालों के समर्थन में सैकड़ों सपा कार्यकर्ता थाने पहुंच गए। जमकर हंगामा शुरू कर दिया। ऐसा लग रहा था जैसे थाने पर उनका ही कब्जा हो गया हो।

वहां पर सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त भी पहुंच गए। इसकी सूचना तत्काल थाने की पुलिस ने एसपी सहित जिले के आला अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही एसपी अनीस अहमद अंसारी के निर्देश पर एएसपी केसी गोस्वामी, सीआरओ बीराम और बैरिया सीओ त्रैयंबक दुबे के साथ ही कई थानों की पुलिस पहुंच गई।

मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सपाजनों बाहर खदेड़ा। सपाजनों का आरोप था कि बिना वजह जबरिया खेत से पूर्व ब्लाक प्रमुख कन्हैया सिंह ने सात लोगों को पकड़कर दरवाजे पर ले गए और मारापीटा। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर सभी को निजी मुचलके पर छोड़ दिया।

इस बाबत क्षेत्राधिकारी बैरिया ने बताया कि आगे विवेचना के मुताबिक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उधर कन्हैया सिंह को छोड़े जाने के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने दोकटी-बैरिया मार्ग जाम कर दिया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। यदि कुछ समय तक और अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचते तो स्थिति बिगड़ सकती थी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें