रोटेरियन संकल्प लेने वाले व्यक्ति को बनाया जाता है, जो पूरे कार्यकाल तक समाज की नि:स्वार्थ सेवा करता है। समाज के लोग एक ही बात कहते हैं कि दुनिया में आए हो तो ऐसा कर्म करो ताकि जाने के बाद भी लोग याद करते रहें।
समाज में जीओ और जीने दो का सिद्धांत चलता है। हम न हिंदू हैं, न मुस्लिम और न ही ईसाई। हम सिर्फ इंसान है, जिसे सभी के काम आना है। जब हम यह सिद्धांत अपने मन में बनाकर रखेंगे तो हमेशा सफल होंगे।
ये विचार हैं राज्यसभा सांसद राजबब्बर के। वे नगर के सतीश चंद्र कालेज के सभागार में रविवार की देर रात आयोजित रोटरी क्लब इलीट के पदग्रहण समारोह को संबोधित कर रहे थे। बतौर मुख्य अतिथि राजबब्बर ने कहा कि इंसानियत से बढ़कर कोई तोहफा नहीं है।
इसी उद्देश्य को लेकर हर रोटेरियन प्रतिवर्ष नए-नए सामाजिक कार्य करता है। सबसे बड़ा धर्म प्यार, मोहब्बत और सादगी का है। जब हम इसे अपना लेते है तो सुख की अनुभूति होती है। उन्होंने सभी को नेक कार्य करते रहने का संकल्प दिलाया।
समारोह में 2014-15 के अध्यक्ष और सचिव ने नए पदाधिकारियों को पदभार ग्रहण कराया। वर्ष 2014-15 के सचिव प्रशांत दूबे ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके उपरांत समाज में अच्छा कार्य करने वाले लोगों को मेडल देकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर निवर्तमान अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह और प्रशांत दूबे का कालर नवागत अध्यक्ष सुनील सर्राफ एवं सचिव डा. नरेंद्र त्रिपाठी को पहनाया गया। समारोह में अशोक सेठ, डा. ओंकार नाथ, शैलेंद्र कुमार सिंह पप्पू, राजेश कुमार, मनोज आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता वेदप्रकाश और संचालन राकेश कुमार श्रीवास्तव ने किया।