सपा सरकार के जनविरोधी नीतियों के विरोध में भाजपा नेताओं ने शनिवार को जिला मुख्यालय को छोड़कर जनपद के सभी तहसील मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा नेताओं ने राज्यपाल और डीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलों पर मौजूद उपजिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में राज्यपाल से सपा सरकार को बर्खास्त करने की मांग की गई।
नवानगर संवाददाता के मुताबिक भाजपा कार्यकर्ताओं ने सिकंदरपुर तहसील प्रंागण में शनिवार को एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया और राज्यपाल को संबोधित नौ सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम सिकंदरपुर घनश्याम त्रिपाठी को दिया। धरने को संबोधित करते हुए सांसद रवींद्र कुशवाहा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा धन देने के बावजूद भी राज्य सरकार द्वारा अब तक आपदा पीड़ित किसानों को चेक वितरण करने में हीलाहवाली की जा रही है।
उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को आम जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। बताया कि प्रदेश में सड़क, पानी, बिजली एवं चिकित्सा व्यवस्था बेपटरी हो गई है। अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। इसी क्रम में पूर्व विधायक भगवान पाठक ने कहा कि सपा के इशारे पर अधिकारियों द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। इस मौके पर अरविंद कुमार राय, अक्षय लाल यादव, गनेश प्रसाद सोनी, सकलदीप राजभर, प्रमोद गुप्ता, ओंकारचंद्र सोनी आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता गोबर्धन मधुकर एवं संचालन माधव प्रसाद गुप्ता ने किया।
बैरिया संवाददाता के मुताबिक भाजपा कार्यकर्ताओं ने शनिवार को तहसील प्रांगण में सात सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपाजनों ने सांसद भरत सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी बैरिया को सौंपा। धरना सभा को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता भाजपा सांसद भरत सिंह ने कहा कि प्रदेश में जब-जब सपा की सरकार रही है, तब-तब जंगलराज कायम हुआ है।
सपा की सरकार में अपराधियों और भ्रष्टाचारियों का बोलबाला है। बैरिया तहसील क्षेत्र के किसानों को ओलावृष्टि से बर्बाद हुए फसलों का मुआवजा नहीं दिया जाना प्रदेश सरकार की भाजपा के वरिष्ठ नेता मुक्तेश्वर सिंह ने कहा कि ईमानदार अफसर भी इन दिनों बेईमानों और रिश्वतखोरों से घिरे होने की वजह से मुंह बंद कर लेते है। धरना सभा को संबोधित करने वालों में सुरेंद्र सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष विजय बहादुर सिंह, अभय शंकर सिंह, अमिताभ उपाध्याय, नंदजी सिंह, मुटन राय, अनमोल आदि ने किया। धरना सभा की अध्यक्षता पतिराम सिंह व संचालन रमाकांत पांडेय ने किया।