बैरिया। समाजवादी पार्टी ने देर से ही सही बैरिया विधानसभा से भी अपनी स्थिति साफ कर दी है। पिछड़ा कार्ड खेलते हुए एक बार फिर पूर्व विधायक जयप्रकाश अंचल पर ही भरोसा जताया है। टिकट के लिए इस पर कई लोग दावेदारी कर रहे थे।
बेल्थरारोड विधानसभा क्षेत्र के पशुहारी गांव निवासी प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री शारदानंद अंचल के पुत्र जयप्रकाश अंचल को पहली बार 2012 में बैरिया विधानसभा से सपा के टिकट मिला था। उस समय वह तत्कालीन मंत्री भरत सिंह का हरा कर विधायक निर्वाचित हुए थे। 2017 में सपा ने एक बार फिर बैरिया से जयप्रकाश अंचल को प्रत्याशी बनाया था, लेकिन भाजपा प्रत्याशी सुरेन्द्र सिंह से चुनाव हार गए थे। एक बार फिर 2022 में समाजवादी पार्टी ने पूर्व विधायक जयप्रकाश अंचल को प्रत्याशी बनाया है। काफी दिनों से भाजपा व सपा का बैरिया विधानसभा का टिकट किसे मिलेगा इसे लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। सोमवार को भाजपा ने बैरिया विधानसभा से ब्राह्मण प्रत्याशी राज्यमंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ल को प्रत्याशी बनाया था। अब सपा ने भी एक बार फिर पूर्व विधायक जयप्रकाश अंचल को अपना प्रत्याशी बनाया है।
सुभासपा को दो सीटें, प्रत्याशी घोषित
बलिया/बेल्थरारोड। समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर चुनाव मैदान में उतरी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को गठबंधन का दशा में जनपद की दो सीटें रसड़ा और बेल्थरारोड मिली हैं। दोनों ही सीटों पर पार्टी की ओर से प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई है। सुभासपा के प्रदेश प्रवक्ता सुनील सिंह ने बताया कि रसड़ा से महेंद्र चौहान और बेल्थरारोड सुरक्षित सीट से हंसूराम को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा गया है।
देवरिया जिले के सलेमपुर के मूल निवासी हंसू राम ने गोरखपुर विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में परास्नातक की डिग्री हासिल की। उसके बाद सरकारी सेवा में आ गए। वर्ष 2015 में गोरखपुर मंडल के उप सूचना निदेशक पद से सेवानिवृत्त होने के बाद बसपा से राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। इसके बाद सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी का दामन थाम लिया। हंसू राम के सपा- सुभासपा गठबंधन प्रत्याशी घोषित होने के बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। रसड़ा से चौहान समाज के महेंद्र चौहान को मैदान में उतारा गया है।