संविधान निर्माता बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर पर गृहमंत्री अमित शाह के बयान को लेकर संसद के दोनों सदनों में भारी हंगामा हुआ ही, इसकी चिंगारी बृहस्पतिवार को आजमगढ़ जिले में भी पहुंच गई। समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष कुनाल मौर्या के नेतृत्व में दर्जनों की संख्या में लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रसभा के अध्यक्ष ने बाबासाहेब अंबेडकर पर की गई टिप्पणी के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से माफी मांगने और इस्तीफा देने की मांग की।
समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष कुनाल मौर्या ने आरोप लगाया कि शाह ने 17 दिसंबर को उच्च सदन में ‘संविधान की 75 साल की गौरवशाली यात्रा’ पर चर्चा का जवाब देते हुए बाबासाहेब का अपमान किया। इसे हम सभी कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। कुनाल मौर्या ने कहा कि 'बाबा साहब डॉ. भीम राव अंबेडकर का सम्मान पूर्वक नाम नहीं लिए। ऐसे में नैतिकता के हिसाब से अमित शाह इस्तीफा दे दें।'
कहा कि जिलाध्यक्ष हवलदार यादव समेत अन्य सपा के पदाधिकारी डीएम को ज्ञापन सौंपेंगे। छात्रसभा के जिला उपाध्यक्ष राहुल यादव ने कहा कि बाबा साहब का अपमान, नहीं सहेंगे। हमारे देश के नेता जिन्होंने देश को आजादी दिलाई और संविधान दिया, उन्हें पीछे कर दिया गया है। वो पूरे देश के, संविधान के संरक्षक हैं। यदि उनका अपमान होगा तो हम सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे।
सोनभद्र जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में रॉबर्ट्सगंज के स्वर्ण जयंती चौक पर जुटे कार्यकर्ताओं ने गृह मंत्री अमित शाह की तस्वीर जलाकर विरोध जताया।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि संसद में गृह मंत्री ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर का अपमान किया है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड ने कहा कि अमित शाह को उनके बयान पर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) संविधान को बदलने की कोशिश कर रही है, जो उनकी सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस लगातार कांग्रेस कार्यकर्ताओं को समझाने में लगी रही, लेकिन कार्यकर्ता अड़े रहे और अमित शाह से सार्वजनिक माफी की मांग करते रहे। कांग्रेस ने इसे संविधान और आंबेडकर के आदर्शों का सीधा अपमान बताया और कहा कि वे इसके खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहेंगे। कार्यक्रम में कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी देखी गई। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि आंबेडकर के विचारों और संविधान की रक्षा के लिए वे संघर्ष करते रहेंगे।
पुलिस और सपाइयों की छीनाझपटी
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गाजीपुरय़ समाजवादी छात्र सभा के नेताओं की एसपी कार्यालय के बाहर पुलिस से धक्का-मुक्की और नोंकझोंक हुई। पुलिस ने गृह मंत्री का पुतला फूंकने की कोशिश कर रहे सपा छात्र सभा के नेताओं को नाकाम कर दिया। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान जमकर नारेबाजी की और इससे हंगामे की स्थिति बनी रही।
गृहमंत्री अमित शाह की ओर से डॉ. भीमराव आंबेडकर पर दिए बयान को लेकर सियासत काफी गरमा गई है। गृह मंत्री द्वारा बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान किए जाने की बात करते हुए समाजवादी छात्र सभा के नेताओं ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया।
पुतला फूंकने की जानकारी होने पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी। जैसे ही सपा नेता पुतला दहन को निकले, पुलिस बल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। सीओ सदर सुधाकर पांडेय, शहर कोतवाल दीन दयाल पांडेय ने पुलिस फोर्स के साथ प्रदर्शनकारियों से गृह मंत्री अमित शाह का पुतला छीन लिया।