विश्व हिंदू परिषद गोरक्ष प्रांत के कार्यकर्ताओं ने जेएनयू प्रकरण को लेकर नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि राष्ट्रविरोधी एवं समाज विरोधी लोगों को अविलंब गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
पत्र में कहा गया है कि कार्रवाई में देरी के परिणाम के रूप में जाधवपुर विश्वविद्यालय कोलकाता की घटना से जोड़कर देखा जा सकता है। भारत एक संप्रभुता संपन्न अखंड राष्ट्र रहा है। इस देश में हमेशा से ही संविधान की मर्यादा की अनुकूल कार्य हुए है। लेकिन पिछले दिनाें इन घटनाओं ने भारत की संप्रभुता और संविधान दोनों पर करारा हमला किया है। जिसने राष्ट्रीय अस्मिता को झकझोर कर रख दिया है। राष्ट्रपति से यह मांग किया गया है कि आपके हाथों में देश की अस्मिता की कमान है। ऐसे में जो राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त है उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए। लोकतांत्रिक देश के नागरिक होने के नाते हम गर्व महसूस करते है। लेकिन जिस तरह लोकतंत्र की आड़ में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों तथा अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर राष्ट्र विरोधी नारे लगाए जा रहे है तथा देश के दुश्मनों को महिमा मंडित किया जा रहा है। यह राष्ट्र को कमजोर करना तथा नीचा दिखाना है। ऐसे राजनीतिक दल तथा उनके नेता जो देश के गद्दारों को संरक्षण प्रदान कर रहे है उनके विरुद्ध भी संविधान के अनुरूप उनकी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए कार्रवाई की जाए। ऐसे राजनीतिक दलों की मान्यता तत्काल समाप्त किया जाए। ज्ञापन देने वालों में चंद्रशेखर पांडेय, राजेश पांडेय, करूणानीधि तिवारी अंबरीश शुक्ल, अजय राय, विनय सिंह, सुधीर सिंह, रूद्र प्रकाश पांडेय, लव पांडेय, पिंटू चौबे, अजय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।