शशि प्रेमदेव की रचनाओं में एक साथ कबीर की निर्भीकता अदम गोंडवी का पैनापन और नीरज की रूमानियत के दर्शन होते हैं। उन्होंने स्त्री-विमर्श से लगायत लगभग सभी ज्वलंत मुद्दों पर बेखौफ होकर कलम चलाई है।
यह बातें दिउली इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डॉ. विश्व रंजन सिंह ने संघ प्रकाशित गजल संग्रह ‘आंखों से चिल्लाई थी वो...’ के रचनाकर लब्ध प्रतिष्ठ कवि और लेखक शशि प्रेमदेव के अभिनंदन में टाउन इंटर कालेज के सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में कहीं।
वरिष्ठ समीक्षक अशोक ने कहा कि प्रेमदेव की किताब का कोलकाता अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेला में धूमधाम से रिलीज होना तथा बरेली में उत्तराखंड की कद्दावर मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश द्वारा उसका लोकार्पण किया जाना स्वयं में गर्व तथा गौरव की बात है।
कार्यक्रम के आयोजक टाउन इंटर कालेज के प्रधानाचार्य अशोक कुमार श्रीवास्तव ने जहां आने वाली नस्लों के लिए एक सुरक्षित समाज देने के लिए चिंतातुर रहने वाला रचनाकर कहा, तो वहीं हिंदुस्तान के जिला प्रमुख सुधीर ओझा ने कवि की बहुमुखी प्रतिभा की सराहना की।
उन्होंने उक्त संग्रह से कुछ शेर उद्धत करते हुए कहा कि प्रेमदेव एक और जहां इल्म के दीपक जले बदलाव लाने के लिए। डिग्रयां होती नहीं दौलत कमाने के लिए... जैसे सामाजिक सरोकार से जुड़े अशआर कह सकते हैं।
वहीं वे बिना चखे कैसे कोई मालूम करे। इस मौके पर गौरी शंकर राय, पीजी कालेज के प्राचार्य डा. एसपी सिंह, निदेशक डा. श्रीराम सिंह, एडवोकेट शशि प्रताप सिंह, संजय कुमार सिंह, सुदर्शन सिंह, विजेंद्र प्रताप सिंह, अनिल कुमार सिंह, ज्योति स्वरूप पांडेय, सुरेंद्र नाथ शुक्ल, सौरभ कुमार राय आदि रहे।