पंदह। खेजुरी निवासी हरेराम यादव और उनके बड़े पुत्र सुजीत यादव के पैतृक व बरियातू रोड (रांची) स्थित श्याम इंक्लेव आवास पर एक साथ हुई ईडी की कार्रवाई को लेकर दूसरे दिन भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। प्रवर्तन निदेशालय की जांच-पड़ताल और पूछताछ को लोग बड़े आर्थिक अपराध से जोड़ कर देख रहे हैं। हरेराम यादव का कहना है कि करीब उनके दो पुत्र यूनियन बैंक की सीएसपी चलाते थे।
ये सभी चेक उसी समय के हैं, जो किसी काम के नहीं हैं। बताया कि शनिवार की सुबह सुजीत से बात हुई है, वह भी कार्रवाई की बात बता रहा था।
एक प्रतिष्ठान के नाम यूनियन बैंक का खाली चेक बुक ईडी ने कब्जे में लिया है। इसके अलावा दिनेश कुमार यादव एवं राजमुनि देवी पत्नी-इंद्राशन यादव और मुकेश कुमार यादव पुत्र-इंद्राशन यादव के नाम के नाम के ब्लैंक चेक मिलने से भी कई सवाल खड़े हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार हरेराम यादव के पुत्र सुजीत यादव के बरियातू रोड (रांची) स्थित श्याम इंक्लेव आवास से ईडी ने कई डिजिटल साक्ष्य यथा लैपटॉप और मोबाइल सहित अन्य उपकरण कब्जे में लिए। उधर, परिजन ईडी की कार्रवाई से विचलित नहीं हैं। उनका कहना है कि भले ही जांच में ब्लैंक चेक मिलने की बात अधिकारी कह रहे हैं, लेकिन इसमें से कुछ चेक हमारे रिश्तेदारों के हैं।
झारखंड में आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों के बिना इलाज के पैसा क्लेम करने और भुगतान कराने सहित बड़े पैमाने पर फर्जी नाम, फर्जी मेडिकल रिकाॅर्ड और बोगस मरीजों का इस्तेमाल कर करोड़ों का घोटाला सामने आया है। सुजीत यादव भी आयुष्मान योजना में बतौर संविदाकर्मी रांची में तैनात हैं। यह उसी कड़ी का हिस्सा है। कार्यालय का कर्मचारी होने से शक की सुई सुजीत के तरफ भी मुड़ी तो प्रवर्तन निदेशालय के क्षेत्रीय कार्यालय रांची के उप निदेशक ऋषिकेश पांडेय के आदेश पर धर्मेंद्र चौहान, सहायक निदेशक, (प्रवर्तन निदेशालय, इलाहाबाद उप-क्षेत्रीय कार्यालय, प्रयागराज) की टीम शुक्रवार को खेजुरी स्थित मकान पर धमकी थी।