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जिउतिया के दिन हुआ पुत्र, अगले दिन चल बसी मां

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बलिया। शादी के छह साल बाद प्रथम संतान के रूप में जिउतिया पर्व के दिन पुत्ररत्न की प्राप्ति हुई तो खुशी का ठिकाना नहीं था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। 24 घंटे में ही खुशी मातम में बदल गई। नवजात को छोड़ मां सदा के लिए दुनिया से चल बसी। इस हृदयविदारक घटना से सुखपुरा व दुबहर में शोक की लहर है।
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सुखपुरा थाना क्षेत्र के बधेपुर निवासी ममता की शादी छह साल पहले दुबहर थाना क्षेत्र के बयासी गांव निवासी धर्मजीत के साथ हुई थी। शादी के बाद दांपत्य जीवन सुखमय बीत रहा था, लेकिन संतान की कमी थी तो भगवान ने सुन ली। नौ महीना नौ दिन गर्भवती रहने के बाद जिउतिया के दिन ममता ने हनुमानगंज एएनएम सेंटर पर पुत्र को जन्म दिया। चूंकि जच्चा-बच्चा दोनों ही स्वस्थ थे तो चिकित्सकों ने घर जाने के लिए छोड़ दिया। मायके जच्चा-बच्चा को घर ले आए। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
अचानक रात में जच्चा ममता की तबीयत खराब होने लगी। आनन-फानन में मायकेवालों ने जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर मौत की सूचना गांव में पहुंचते कोहराम मच गया।
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