बलिया। संयुक्त अभियोजन कार्यालय बलिया में तैनात महिला आरक्षी ने रविवार रात पुलिस लाइन स्थित महिला बैरक में फांसी लगाकर जान दे दी। सोमवार सुबह जानकारी होते ही महकमे में हड़कंप मच गया। एसपी देवेंद्र नाथ, एएसपी संजय कुमार, सीओ सिटी एके सिंह समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। घटनास्थलसे मिले सुसाइड नोट में मृतका ने एक महिला आरक्षी व एक पुरुष आरक्षी को दोषी ठहराया है। मृतका के पिता ने दो लोगों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है।
जौनपुर जिले के बरसठी थाना क्षेत्र के रायपुर निवासी नीतू यादव (22) पुत्री लाल साहब यादव वर्ष 2018 में पुलिस में भर्ती हुई। जनवरी 2019 में उसकी पहली तैनाती बलिया के पकड़ी थाने में हुई। वहां से जून 2019 में उसका तबादला संयुक्त अभियोजन अधिकारी कार्यालय में हो गया। वह पुलिस लाइन की दो मंजिलें बैरक के ऊपरी तल में दो और महिला आरक्षियों के साथ रहती थी।
रविवार रात में भोजन करने के बाद तीनों आरक्षी सो गई। रात में किसी समय नीतू ने बैरक के किचन के बगल के कमरे में पंखे के हुक में रस्सी का फंदा बनाया और फांसी पर लटक गई। सुबह इसकी जानकारी बैरक में सो रही दोनों महिला आरक्षियों को हुई। उन्होंने तत्काल प्रतिसार प्रभारी को जानकारी दी। आरआई की सूचना पर पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ सिटी सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मौके पर भीड़ भी जमा हो गई थी। एसपी ने घटना स्थल के निरीक्षण केसाथ वहां मौजूद महिला आरक्षियों से पूछताछ की।
निरीक्षण के दौरान एक सुसाइड नोट मिला। एसपी ने सुुसाइड नोट को अपने कब्जे में ले लिया है। दोपहर बाद बलिया पहुंचे आरक्षी के पिता ने दो को नामजद करते हुए कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ ने बताया कि प्रतिसार अधिकारी से सूचना मिली कि महिला बैरक में एक महिला आरक्षी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें मृतका ने एक पुरुष आरक्षी व एक महिला आरक्षी को दोषी बताया है। जिसकी जांच की जा रही है।
पिता ने लगाया बेटी के मानसिक उत्पीड़न का आरोप
बलिया। संयुक्त अभियोजन अधिकारी कार्यालय में तैनात महिला आरक्षी नीतू यादव के पिता लाल साहब यादव ने बेटी का मानसिक उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाते हुए दो लोगों के विरुद्ध नामजद तहरीर दी है।
पिता ने बताया कि बेटी अवकाश लेकर गांव आई थी। उसने बताया था कि एक महिला और एक पुरुष आरक्षी उसे मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान कर रहे हैं। गांव आने पर भी वे फोन करते रहे हैं। पिता ने बताया कि उन्होंने नीतू को समझाया था कि उच्चाधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दे दो। 17 सितंबर को वह बलिया आ गई। यहां फिर से उत्पीड़न किए जाने पर उसने उच्चाधिकारियों से शिकायत करने के बजाय तनाव में आकर आत्मघाती कदम उठा लिया। बताया कि पुरुष आरक्षी वर्तमान में पकड़ी थाने में तैनात है जबकि महिला आरक्षी कहां तैनात है, यह वे नहीं बता सके। उन्होंने दोनों के विरुद्घ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। बताया कि नीतू चार भाई-बहनों में सबसे छोटी थी।
पुलिस लाइन में महिला आरक्षी के फांसी के बाद घटनास्थल का निरीक्षण करते एसपी देवेंद्र नाथ।- फोटो : BALLIA