बलिया। बेल्थरारोड के पशुहारी गांव में चार दिन में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत के बाद परिवार के दो सदस्यों शिवचंद और उनके बेटे मनन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिवार में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिलने के बाद विभाग अलर्ट हुआ है।
शिवचंद और उनके बेटे मनन सर्दी, जुकाम, बुखार व खांसी की जद में हैं। दोनों का आइसोलेशन वार्ड में तीन डॉक्टरों की निगरानी के बीच इलाज चल रहा है। चिकित्सकों की टीम दोनों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ संक्रमण की जांच में जुटी है। खून व संक्रमण के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही लगातार हुई मौतों की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
पशुहारी गांव में एक ही परिवार में लगातार हुई मौतों से गांव में भी चिंता का माहौल है। एक के बाद एक तीन सदस्यों आशा देवी (46), जोनिहा (76), बेटी प्रीति 24 वर्ष की मौत ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य टीम गांव पहुंची और परिवार की स्थिति का जायजा लिया। जोनिहा के बेटे शिवचंद और पौत्र मनन को जिला अस्पताल ले गई। बता दें कि आशा देवी शिवचंद की पत्नी थीं।
सीएमओ डॉ. अभय नारायण राय के निर्देश पर सीएचसी प्रभारी शिवचंद और मनन को एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले गए। सीएमओ खुद अस्पताल में बैठे रहे। स्वास्थ्य विभाग पुरानी बीमारी की संभावना के साथ अन्य चिकित्सकीय कारणों की भी पड़ताल कर रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही किसी बीमारी को मौतों से जोड़कर देखा जा सकेगा।
पशुहारी गांव में स्वास्थ्य विभाग ने लगाया कैंप, लोगों के स्वास्थ्य की जांच
बलिया। बेल्थरारोड के पशुहारी गांव में स्वाइन फ्लू के अलर्ट के बीच एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांव में जांच एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। सीयर सीएचसी की चिकित्सकीय टीम ने गांव में कैंप लगाया है। संक्रमण की जद में आए लोगों की जांच के लिए सैंपल लिए। इसी दौरान बेल्थरारोड विधायक हंसू राम भी समर्थकों के साथ गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। विधायक ने मौके पर स्वास्थ्य विभाग की वर्तमान व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए तत्काल सीएमओ से मोबाइल फोन पर वार्ता की और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विधायक ने सीएमओ को गांव में मास्क वितरण कराने, सैनिटाइजेशन तथा व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के लिए कहा।
शादी के तैयारी में जुटा था परिवार
पशुहारी गांव निवासी शिवचंद राजभर के घर पर पत्नी आशा देवी (46), मां जोनिहा (76) और बेटी प्रीति रहते थे। शिवचंद कई वर्षों से कर्नाटक में रहकर वेल्डिंग का काम करते थे, बेटा मनन राजभर भी पिता के साथ काम करने गया था। एक माह पहले वह बेटे मनन के साथ गांव लौटे थे। घर आने के बाद उन्होंने बेटी प्रीति की शादी तय की थी। पत्नी आशा देवी कुछ समय से दिमागी और पाइल्स से परेशान थी। पति के आने के बाद पत्नी आशा देवी की हालत खराब हो गई। स्थानीय स्तर पर ही उनका इलाज चल रहा था। इसी बीच शनिवार को उनकी मौत हो गई। परिवार अभी इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि मंगलवार को शिवचंद की मां जोनिहा की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मां के दाह संस्कार करने परिवार के सदस्य गए थे। दूसरी तरफ प्रीति सर्दी-जुकाम, कमर दर्द और खून में प्लेटलेट्स भी काफी कम हो गए थे। हालत गंभीर होने पर परिजन इलाज के लिए वाराणसी के ट्राॅमा सेंटर ले गए। वहां प्रीति की मौत हो गई।