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पत्रकारों की रिहाई के लिए कहीं निकला जुलूस तो कहीं मौन धरना

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बलिया। पेपर लीक मामले में जनपद के तीन पत्रकारों की गिरफ्तारी के विरोध में लगातार चौथे दिन भी पत्रकारों का आंदोलन जारी रहा। कलेक्ट्रेट में जुलूस निकाल मौन धरना दिया गया। इस दौरान ज्ञापन लेने पहुंचे मुकदमे के वादी सिटी मजिस्ट्रेट को देख गो बैक के नारे लगने लगे। इसे देख उन्हें वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ा। बाद में एडीएम फाइनेंस को ज्ञापन सौंपा गया। वहीं, रसड़ा तहसील के पत्रकारों ने गांधी पार्क से बाइक जुलूस निकाल कर नगर भ्रमण किया।
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पेपर लीक मामले में जनपद के तीन पत्रकारों अजीत ओझा, दिग्विजय सिंह और मनोज गुप्ता पर मुकदमा दर्जकर उन्हें जेल भेजने के विरोध में पत्रकारों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। साथियों ने कहा कि इन पत्रकारों ने केवल इतना गुनाह किया था कि पेपर लीक मामले को उजागर किया था और खबरें लिखी थीं। इसके विरोध में बृहस्पतिवार को संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले पत्रकारों ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर कलक्ट्रेट परिसर में मार्च निकाला और धरना दिया। मौन धरना के दौरान कार्यक्रम स्थल पर पत्रक लेने पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट को पत्रकारों ने वापस जाने को कहा और गो बैक का नारा लगाया। अंतत: एडीएम फाइनेंस के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित पत्रक दिया। वक्ताओं ने कहा कि मांगे पूरी होने तक पत्रकार अपने आंदोलन को जारी रखेंगे। उधर, रसड़ा में पत्रकारों ने गांधी पार्क में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर बाइक जुलूस निकाल कर नगर भ्रमण किया। तहसील प्रांगण में प्रदर्शन कर एसडीएम दीपशिखा सिंह को राज्यपाल को संबोधित सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। उन्होंने गिरफ्तार पत्रकारों की अविलंब रिहाई, प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाए जाने आदि मांगें की गईं।
छात्रनेताओं ने की सीबीआई जांच की मांग
बैरिया। अमरनाथ मिश्र पीजी कालेज दुबेछपरा और श्रीसुदिष्ट बाबा स्नातकोत्तर महाविद्यालय रानीगंज के छात्रनेताओं ने पत्रकारों की अविलंब रिहाई व पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग की। डाकबंगले से बैरिया तहसील तक मार्च कर मुख्यमंत्री को सम्बोधित पत्र नायब तहसीलदार रजत सिंह को सौंपा। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष शैलेश सिंह, पूर्व महामंत्री ओमप्रकाश उर्फ लालू यादव, धनन्जय सिंह, सुनील सिंह पप्पू, निर्भय सिंह गहलौत, राधेश्याम कुशवाहा, अरविन्द सिंह, पिंटू यादव, राणा सुधाकर विक्रम, संदीप यादव त्यागी, अंकित कुमार, नितेश सिंह, रवि सिंह, सोनू गुप्ता, अमित पाठक, आदित्य मिश्र, अमित उपाध्याय, प्रवीण सिंह, अरविंद शर्मा तथा रुस्तम आलम आदि प्रमुख रहे।
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लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला कर रहा प्रशासन
रतसर/बेरुआरबारी। पेपर लीक में गलत तरीके से फंसाकर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई की मांग को लेकर बुधवार की शाम पत्रकारों संग क्रालोस किसान फोर्स व व्यापारियों ने कैंडल मार्च निकाला। किसान फोर्स के अखिलेश सिंह ने कहा कि अपनी कमियों को छिपाने के लिए जिला प्रशासन ने जिस तरह से फर्जी मुकदमे में कलम के सिपाहियों को जेल भेजा है वह अत्यंत निंदनीय है। रिहाई न होने पर किसान फोर्स के कार्यकर्ता सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। क्रालोस के डा. सत्य नारायण ने कहा कि सच उजागर करने वाले पत्रकारों को जेल में डालना यह दर्शाता है कि यहां हिटलर का निजाम चल रहा है। निर्दोष पत्रकारों की रिहाई तक आंदोलन चलता रहेगा। किसान नेता बलवंत यादव ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को डराने का कार्य जिस तरह से इस सरकार में हो रहा है इससे सरकार की नियत पर सवाल खड़े हो रहे है। अनिल गुप्ता, ओम प्रकाश शर्मा, अशोक पाण्डेय, अभिषेक पाण्डेय, धनमन पाण्डेय, लालू तिवारी, निप्पू सिंह, लोकेश पांडेय, जुनेद अहमद, गोरख यादव, संजय सिंह उपस्थित रहे। बेरुआरबारी में पत्रकारों के समर्थन में सड़क पर उतर छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला। छात्र नेता आशीष मिश्रा के नेतृत्व में रिहाई करने के लिए रुट मार्च किया। छात्र नेताओं ने कहा कि पत्रकारों पर स्थानीय प्रशासन ने दुर्भावनावश कार्रवाई की है। पुलिस पेपर लीक कराने के संदर्भ में इनकी भूमिका को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट करने में असफल रही है।
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