बलिया। एक तरफ विद्युत उपभोक्ताओं को राहत के लिए सरकार की ओर से एकमुश्त समाधान योजना का संचालन किया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ विभागीय कर्मी हर महीने उपभोक्ताओं को मनमाना बिल जारी कर दे रहा है। इसके चलते लोगों को बिल दुरुस्त कराने के लिए कार्यालयों का चक्कर काटना पड़ता है। बताया जाता है कि बिना रीडिंग किए बिल पर मनमाना रीडिंग इंट्री कर दिया जाता है।
तमाम प्रयासों के बावजूद जिले में विद्युत विभाग की ओर से बिल जारी की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है। अधिकांश गांवों के उपभोक्ताओं के यहां तो विभाग आज तक मीटर ही नहीं उपलब्ध नहीं करा सका है, तो कई उपभोक्ताओं के यहां मीटर नहीं होने के बावजूद कागजों में मीटर भी चल रहा है और रीडिंग भी हो रही है। बिजली की चोरी रोकने के लिए सरकार अब ग्रामीण इलाकों में भी पुराने तारों को बदलकर उनके स्थान पर एबीसी (एरियल बंच कंडक्टर) केबल लगाने का काम कर रही हैै। इसके अलावा प्रत्येक उपभोक्ता के यहां मीटर लगाने का भी प्रावधान हैै। लेकिन आज भी अधिकांश उपभोक्ताओं के यहां मीटर नहीं लग सके हैं। इसके चलते इन उपभोक्ताओं को विद्युत विभाग की ओर से निर्धारित फिक्स चार्ज देना पड़ता हैै। इतना ही नहीं कई उपभोक्ताओं के यहां तो मीटर भी नहीं लगे हैं लेकिन विभाग के दस्तावेजों में मीटर चल रहा है और विभागीय कर्मचारी उसकी रीडिंग भी कर रहे हैँ जिसके आधार पर विद्युत विभाग बिल जारी कर दे रहा हैै। इसके अलावा कई उपभोक्ताओं के यहां मीटर संचालित होने के बावजूद मनमाना बिल भेजा जा रहा है। इसके चलते उपभोक्ताओं को बिल दुरुस्त कराने के लिए कार्यालय का चक्कर काटना पड़ता है और उपभोक्ता बिल समय से जमा नहीं कर पाते हैं।
बतौर उदाहरण सोहांव गांव निवासी अशोक राय ने बताया कि आज तक उनके यहां विभाग की ओर से मीटर नहीं लगाया गया है लेकिन बिल में बकायदे मीटर नंबर व उसकी रीडिंग अंकित होती हैै। इसकी शिकायत भी विभागीय अधिकारियों से कई बार की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। भरौली निवासी शिवम ने बताया उनके घर पर मीटर लगा है। डेढ़ माह पहले मीटर रीडर ने रीडिंग की और बिल बना दिया जिसके चलते दो बार बिल का भुगतान करना पड़ा। इस महीने बिना मीटर रीडिंग किए ही मनमाना बिल भेज दिया गया है।
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मीटर लगाने के लिए समय-समय पर एजेंसी का निर्धारण किया जाता हैै। बिना मीटर लगे उपभोक्ता के यहां अगर मीटर रीडिंग के अनुसार बिल आ रहा है तो मामले की जांच कराई जाएगी। इसके अलावा बिना मीटर रीडिंग किए मनमाना रीडिंग फीड करने की भी जांच होगी और संबंधित एजेंसी के कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- एके चौधरी, एक्सईएन, विद्युत वितरण खंड द्वितीय, बलिया