जिले में यूपी बोर्ड अंतर्गत इंटरमीडिएट के भौतिक विज्ञान का प्रथम प्रशभन पत्र परीक्षा शुरू होने के दस घंटे पहले ही आउट हो गया। हल प्रश्नपत्र की प्रतियां 400 से 500 रुपये तक में धड़ल्ले से बेची गईं। व्हाट्स एप और ई मेल के जरिये भी एकदूसरे तक प्रश्नपत्र की फोटो पहुंचाई गई। प्रश्नपत्र का हल कार्बन कापी लेकर परीक्षार्थी कमरे में गए और नकल करने की सुविधा शुल्क देकर जमकर लिखे। हालांकि जिला प्रशासन ने इससे इनकार किया है। इसके लिए देर शाम डीएम ने प्रेसवार्ता भी की।
मंगलवार को दूसरी पाली में दो बजे से इंटरमीडिएट भौतिक विज्ञान प्रथम प्रशभन पत्र की परीक्षा थी। इसका संकेतांक 372 (आईआई) था। मंगलवार भोर के चार बजे ही पर्चा आउट हो गया। इसके बाद नगरा सहित भीमपुरा, बेल्थरारोड, रसड़ा आदि इलाकों में हल कार्बन कापी 400 से 500 रुपये में बिकने लगी। इलाके के लोग बताते हैं कि सबसे पहले हल कापी भीमपुरा कसेसर चट्टी पर बिकी। इसके बाद खबर आसपास के क्षेत्रों से होते हुए पूरे जनपद में फैल गई। इसके बाद हल कापी के साथ ही कार्बन कापी को लोगों ने व्हाट्स एप, ई मेल आदि के जरिये कोने-कोने में पहुंचा दिया।
ऐसे में नकल विहीन परीक्षा कराने का दावा खोखला साबित हुआ है। कई परीक्षा केंद्रों पर तो हल कापी को खरीदने के लिए बच्चों को कहा गया। परीक्षार्थी भी सुबह से नकल माफियाओं के संपर्क में रहे और हल कापी खरीदने के लिए भीड़ जुटी रही। यह सिलसिला दोपहर तक चलता रहा। पर्चा आउट होने की खबर मिलते ही अधिकारियों के होश उड़ गए और तीन बजे के बाद क्षेत्र भ्रमण शुरू कर दिया। हालांकि उसी प्रश्नपत्र की परीक्षा कराई गई।