बलिया। हॉटस्पॉट क्षेत्र कारो में मिट्टी खनन में प्रयुक्त जेसीबी और ट्रैक्टर को पकड़कर छोड़ने के मामले में चितबड़ागांव थाना के थानाध्यक्ष हरेराम मौर्य को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ ने उनको लाइन हाजिर कर दिया।
चितबड़ागांव थाना क्षेत्र के हॉटस्पॉट क्षेत्र कारो ग्राम में 31 मई को काली चरण राजभर अपने घर के निर्माण कार्य के लिये मिट्टी का खनन करा रहे थे। इसके लिए एक जेसीबी व तीन ट्रैक्टर को लगाया था। जानकारी होने पर पहुंचे चितबड़ागांव थानाध्यक्ष जेसीबी और ट्रैक्टर जब्त कर लिया। थानाध्यक्ष ने रिपोर्ट अगले दिन सीओ सदर कार्यालय को प्रेषित किया। रिपोर्ट मिलने के बाद सदर सीओ कार्यालय की ओर से जिलाधिकारी व खनन अधिकारी को कोई रिपोर्ट नहीं भेजी गई, बल्कि किसी नेता के कहने पर जेसीबी पर सात हजार और ट्रैक्टर पर दो हजार रुपये जुर्माना लगाकर छोड़ दिया गया। रिपोर्ट अगर खनन अधिकारी के यहां गई होती तो जेसीबी पर दो लाख व ट्रैक्टर पर कम से कम 25 हजार का जुर्माना लगा होता। मामले में चितबड़ागांव थानाध्यक्ष ने खनन का मुकदमा दर्ज नहीं किया। इस मामले की शिकायत अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी तक पहुंची। इसके गंभीरता से लेते हुए अपर पुलिस महानिदेशक बृजभूषण ने मामले की जांच का आदेश दिया। अपर पुलिस अधीक्षक संजय यादव ने स्थलीय जांच के बाद संबंधित अभिलेखों का परीक्षण किया तथा अपनी जांच रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को सौंप दिया। इसके बाद एसपी ने एसओ को लाइन हाजिर कर दिया। वहीं पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कार्यरत राकेश सिंह को नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया। उधर, पुलिस अधीक्षक ने अपनी जांच रिपोर्ट अपर पुलिस महानिदेशक को भेज दी है। सूत्रों की मानें तो सीओ सदर पर भी कार्रवाई हो सकती है।